चोरी की पल्सर की डुप्लीकेट चाबी बनवाना पड़ा भारी, 48 घंटे में तीन दोस्त चढ़े बांकीमोंगरा पुलिस के हत्थे

Making a duplicate key for a stolen Pulsar proved costly; three friends were arrested by Bankimongra police within 48 hours.

कोरबा। महंगे शौक पूरे करने के लिए मोटरसाइकिल चोरी करने वाले शातिर गिरोह का बांकीमोंगरा पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले में एक मुख्य आरोपी सहित दो अपचारी बालकों को हिरासत में लिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई पल्सर बाइक और वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा स्कूटी सहित तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹1,20,000 आंकी गई है।

दुकान के बाहर से पार की थी बाइक

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी देव कुमार अहिरवार (46 वर्ष) ने भिलाईबाजार में अपनी दुकान के बाहर पल्सर आरएस 200 (CG 12 BT 6722) खड़ी की थी। 5 सितंबर 2026 की रात को अज्ञात चोरों ने इस बाइक को पार कर दिया। अगली सुबह चोरी का पता चलने पर पीड़ित ने बांकीमोंगरा थाने में अपराध क्रमांक 172/2026 और धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कराया था।

रिश्तेदार की दुकान पर पहुंचे, खुली पोल

चोरी के बाद आरोपियों की एक गलती ने उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। आरोपी बाइक की डुप्लीकेट चाबी बनवाने के लिए जिस दुकान पर पहुंचे, वह इत्तेफाक से पीड़ित वाहन मालिक के रिश्तेदार की ही निकली। हुलिया और गाड़ी पर शक होने पर दुकानदार ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।

घेराबंदी कर दबोचा गया गिरोह

सूचना मिलते ही बांकीमोंगरा पुलिस ने तत्काल नाकेबंदी कर घेराबंदी की और आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा। पकड़े गए मुख्य आरोपी की पहचान मोनेन्द्र कुमार उर्फ मोनू (19 वर्ष), पिता विक्रमलाल निषाद (निवासी भिलाईबाजार) के रूप में हुई है, जबकि उसके साथ शामिल दो अन्य विधि से संघर्षरत बालकों को भी संरक्षण में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹50,000 मूल्य की पल्सर बाइक, घटना में प्रयुक्त एक्टिवा स्कूटी (CG 12 BU 7808) और 3 मोबाइल फोन बरामद कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दिया है।