सरस्वती शिशु मंदिर दर्री में गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ शिक्षक सम्मान समारोह; शाल व उपहार देकर आचार्यों का हुआ अभिनंदन

The Teachers' Honors Ceremony concluded in a dignified atmosphere at Saraswati Shishu Mandir, Darri; teachers were felicitated with shawls and gifts.

हसदेव शिक्षण समिति के पदाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति, भैया-बहनों ने रोचक खेलों से गुरुओं के प्रति जताई कृतज्ञता

कोरबा 8 सितंबर 2026/(इंडिया टुडे लाइव)सरस्वती शिशु मंदिर, एच.टी.पी.पी. दर्री, कोरबा में शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन बेहद हर्षोल्लास एवं गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के प्रति आदर प्रकट करना और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान के प्रति आभार व्यक्त करना था। संपूर्ण कार्यक्रम दो चरणों में अत्यंत सौहार्दपूर्ण माहौल में पूरा हुआ।

समिति पदाधिकारियों ने सराहा शिक्षकों का समर्पण:
समारोह के प्रथम चरण की अध्यक्षता हसदेव शिक्षण समिति के अध्यक्ष धनंजय सिंह ने की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में व्यवस्थापक भीष्म देव सिंह, संस्थान प्रतिनिधि  नरेश जायसवाल, अर्जुन लाल पटेल एवं विद्यालय के पूर्व छात्र आशीष अग्रवाल गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा विद्यालय के आचार्यों (शिक्षकों) को शाल एवं अन्य उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में अतिथियों ने शिक्षकों के समर्पण, कठिन परिश्रम और विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण में उनकी भूमिका की जमकर सराहना की। इस सत्र के अंत में श्री श्रवण कुमार गुप्ता द्वारा उपस्थित जनों के प्रति आभार प्रदर्शन किया गया।

भैया-बहनों ने आयोजित किए रोचक खेल:
कार्यक्रम के दूसरे चरण में विद्यालय के भैया-बहनों द्वारा अपने गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इसमें शिशु भारती एवं कन्या भारती के अध्यक्ष भैया अभिषेक भारिया सहित कक्षा ग्यारहवीं (एकादश) और बारहवीं (द्वादश) के छात्र-छात्राओं की प्रमुख भूमिका रही। इस छात्र आयोजन की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती सुषमा बारस्कर ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती लक्ष्मी पांडेय एवं श्री श्रवण कुमार गुप्ता मंच पर आसीन रहे।

प्राचार्या श्रीमती सुषमा बारस्कर ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों के जीवन में गुरु की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात भैया-बहनों द्वारा शिक्षकों के मनोरंजन और उत्साहवर्धन के लिए कई रोचक खेल आयोजित किए गए, जिसमें सभी शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

सफल संचालन और आभार:
छात्रों द्वारा आयोजित इस सत्र का कुशल संचालन प्रज्ञा यादव एवं खुशी श्रीवास ने किया। कार्यक्रम के अंत में भैया आशीष कंवर द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। समापन पर सभी शिक्षकों को स्वल्पाहार एवं स्मृति चिह्न (गिफ्ट) प्रदान किए गए। गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत करता यह आयोजन एक सफल और आनंदमय स्मृति के साथ संपन्न हुआ।