शिशु मंदिर दर्री में गूंजा राष्ट्रप्रेम, ‘वीर गाथा 6.0’ में बच्चों ने कलम और कूची से दिखाया हुनर

Nationalism resonated at Shishu Mandir Darri, with children displaying their skills with pen and brush in 'Veer Gatha 6.0'.

विविध रचनात्मक प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई देशभक्ति की भावना; दिव्यांका, अक्षत, साधना, दिव्या व श्रद्धा रहे अव्वल

 कोरबा (दर्री)/ सरस्वती शिशु मंदिर एच.टी.पी.पी. दर्री, कोरबा में ‘वीर गाथा परियोजना 6.0’ के अंतर्गत विद्यार्थियों की रचनात्मकता, अंतर्निहित प्रतिभा एवं देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अनेकानेक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। देश के वीर जवानों के शौर्य और बलिदान को समर्पित इस अभियान के तहत कहानी लेखन, कविता लेखन, निबंध लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अत्यंत उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी कला और लेखन के माध्यम से देशप्रेम का अनूठा प्रदर्शन किया।

इस गौरवमयी कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुषमा बारस्कर ने की। सभी प्रतियोगिताओं का सफल निर्देशन व संचालन शिक्षिका श्रीमती देविका रानी पटेल, श्रीमती आकांक्षा निर्मलकर एवं श्रीमती हेमलता साहू के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

कड़ी प्रतिस्पर्धा में चमके ये सितारे:
आयोजित प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियाँ दीं। कहानी लेखन प्रतियोगिता में दिव्यांका ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी उत्कृष्ट लेखन क्षमता का परिचय दिया। कविता लेखन में दिव्या जाल ने प्रथम एवं नेहा चौधरी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। निबंध लेखन में श्रद्धा प्रथम व निधि सिंह द्वितीय स्थान पर रहीं।

इसी प्रकार बच्चों की रचनात्मकता को प्रदर्शित करती चित्रकला प्रतियोगिता के प्राथमिक विभाग में अक्षत शर्मा ने प्रथम एवं कुणाल यादव ने द्वितीय स्थान हासिल किया। वहीं हाई स्कूल विभाग की चित्रकला में साधना ने प्रथम एवं यामिनी बरेठ ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर बाजी मारी।

विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति का संचार करना ही मुख्य लक्ष्य:

इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्राचार्य श्रीमती सुषमा बारस्कर ने कहा कि वीर गाथा परियोजना विद्यार्थियों में देश के वीर सपूतों के प्रति सम्मान, राष्ट्रभक्ति, साहस एवं त्याग की भावना विकसित करने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण माध्यम है। इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य बच्चों की अंतर्निहित प्रतिभा को एक सशक्त मंच प्रदान करना तथा उनमें रचनात्मक अभिव्यक्ति के साथ-साथ अपने राष्ट्र के प्रति गौरव का भाव जागृत करना रहा। प्रतियोगिताओं के सफल समापन पर विद्यालय परिवार द्वारा सभी विजेता छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गई हैं।