मिनीमाता महतारी जतन योजना से नंदरानी को मिला खुद का और नवजात शिशु के पोषण आहार का सहारा

Minimata Mahatari Jatan Yojana provided Nandrani with the support of nutritional food for herself and her newborn baby.

प्रसव के बाद मिले 20 हजार रुपये से दवाई, पोषण आहार संबंधी जरूरतें हुईं पूरी

रायपुर, 02 अक्टूबर 2026/शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए कठिन समय में आर्थिक सहारा बन रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी मुंगेली जिले के ग्राम सोढ़ार, गांधीनगर निवासी श्रीमती नंदरानी साहू की है, जो पेशे से निर्माण श्रमिक हैं। गर्भावस्था के दौरान उन्हें चिंता थी कि प्रसव के अंतिम दिनों और प्रसव के बाद कुछ समय तक काम पर नहीं जा पाने से परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाई हो सकती है। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ शासन, श्रम विभाग की मिनीमाता महतारी जतन योजना उनके लिए राहत का माध्यम बनी। प्रसव के उपरांत नंदरानी साहू ने योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन किया, जिसके बाद उन्हें एकमुश्त 20 हजार की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। यह राशि प्रसव के बाद उत्पन्न आवश्यक खर्चों को पूरा करने में उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हुई। इससे दवाइयों, पोषण आहार, नवजात शिशु के कपड़ों सहित अन्य जरूरी घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिली।
    हितग्राही श्रीमती साहू ने बताया कि उन्होंने अपने द्वितीय प्रसव के लिए योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन किया था। शासन से प्राप्त 20 हजार रूपए की आर्थिक सहायता उनके और उनके परिवार के लिए उपयोगी रही। प्रसव के बाद जब काम पर जाना संभव नहीं था, उस समय इस आर्थिक सहयोग से परिवार की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिली। उन्होंने बताया कि योजना की राशि का उपयोग दवाई, पोषण आहार, नवजात शिशु के कपड़े तथा अन्य आवश्यक घरेलू जरूरतों को पूरा करने में किया गया। नंदरानी साहू के लिए शासन की यह सहायता प्रसव के बाद के समय में परिवार की जरूरतों को संभालने में महत्वपूर्ण सहारा बनी।
    उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन, श्रम विभाग द्वारा संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना का उद्देश्य महिला श्रमिकों एवं उनके परिवारों को प्रसव के पश्चात आने वाली आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक सहायता प्रदान करना है। श्रीमती नंदरानी साहू को मिला 20 हजार का लाभ इस योजना के माध्यम से महिला श्रमिक परिवारों को मिलने वाली सहायता का उदाहरण है।  श्रम पदाधिकारी मुंगेली ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में अब तक 594 महिला निर्माण श्रमिकों को प्रति प्रसव 20 हजार के मान से कुल 01 करोड़ 18 लाख 80 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। वहीं, असंगठित क्षेत्र की 261 महिला श्रमिकों को महतारी जतन योजना के तहत कुल 52 लाख 20 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।