बिलासपुर, 19 जुलाई 2026। तोरवा थाना के दो फर्जी सर्पदंश के मामले में पुलिस ने फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाने वाले सिम्स में पदस्थ रहीं महिला डॉक्टर प्रियंका सोनी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पूर्व में दोनों मामले में वकील सहित तीन लोगों को जेल भेजा गया था। तोरवा पुलिस के अनुसार, तहसील कार्यालय के नायब नाजीर की रिपोर्ट पर तोरवा थाना में फर्जी सर्पदंश से महमंद निवासी निसार खान व लता सूर्यवंशी की मौत के मामले में पुलिस अपराध कायम कर जांच में जुटी हुई थी।
जांच में खुलासा हुआ दोनों मामले में पूर्व में सिम्स में पदस्थ नागपुर निवासी डॉ. प्रियंका सोनी पति निहित सविता मोहन 37 साल के द्वारा पोस्टमार्टम किया गया था और सर्पदंश से मौत होने की फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाई गई थी। 18 जुलाई 2026 को एएसआई देवेन्द्र तिवारी ने दोनों मामले में फरार डॉ. प्रियंका सोनी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। ज्ञात हो कि पूर्व में उक्त दोनों मामले में मृतक निसार खान की पत्नी सफीना बानो व मृतक लता सूर्यवंशी के पति संतोष सूर्यवंशी वकील रंजित कुमार चतुर्वेदी अटल आवास सैदा निवासी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
उक्त दोनों मामले में फर्जी प्रकरण बनाने वाले मुख्य आरोपी वकील पेण्डारी निवासी श्रवण वस्त्रकार पुलिस पकड़ से बाहर है। बताया जा रहा है कि वकील श्रवण वस्त्रकार लंबे समय से गंभीर बीमारी से ग्रस्ति है और उसका इलाज चल रहा है। सिविल लाइन थाना के मृतक तालापारा निवासी पवन यादव के मामले में डॉ. प्रियंका सोनीके खिलाफ मामला दर्ज है। उक्त मामले में उसके द्वारा ही फर्जी सर्पदंश से मृत्यु होने की पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाई गई थी, जबकि मृतक की हार्ट अटैक से मृत्यु हुई थी। उक्त प्रकरण में मृतक की पत्नी शिवकुमार यादव, उसकी बहन गवाह दानमी यादव की गिरफ्तारी हो चुकी है।







