बिलासपुर: प्राथमिक शिक्षा संघ हिमाचल प्रदेश की ओर से निकाली जा रही ‘प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा’ रविवार को अपने नौवें दिन बिलासपुर पहुंची. यह यात्रा 11 जुलाई को बनखंडी स्थित मां बगलामुखी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई थी. बिलासपुर में ‘प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा’ के लोगों ने लक्ष्मी नारायण मंदिर और बाबा नाहर सिंह बजिया मंदिर में आशीर्वाद प्राप्त किया, जिसके बाद यह शिमला के लिए रवाना हुई.
यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा, प्राथमिक शिक्षकों और छोटे बच्चों से जुड़े मुद्दों को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाना है. न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम लागू होने से प्राथमिक शिक्षकों को पदोन्नति के तहत मिलने वाले 384 लाभ समाप्त हो गए हैं. साथ ही छोटे बच्चों के लिए आवश्यक शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हुई है.” – रमेश शर्मा, अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षा संघ हिमाचल प्रदेश
संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 5 हजार से ज्यादा शिक्षक पद रिक्त हैं और 3 हजार से ज्यादा प्राथमिक विद्यालय छात्र-शिक्षक (स्टूडेंट टीचर) व्यवस्था के सहारे संचालित हो रहे हैं. उन्होंने आशंका जताई कि नई व्यवस्था लागू होने से हजारों मिड-डे मील कर्मियों की आजीविका भी प्रभावित होगी, जबकि 60 हजार से ज्यादा जेबीटी अभ्यर्थियों के रोजगार के अवसर भी कम हो जाएंगे.
संघ ने आरोप लगाया कि छठे वेतन आयोग के लंबित लाभ, एरियर की किस्तें, उच्च ग्रेड पे, एटीटी लाभ और जेबीटी से टीजीटी प्रमोशन जैसे कई मामलों में भी प्राथमिक शिक्षकों के साथ अन्याय हो रहा है. उनका कहना है कि जेबीटी से टीजीटी प्रमोशन पिछले तीन सालों से लंबित है. प्राथमिक शिक्षा संघ ने बताया कि यह न्याय यात्रा 25 जुलाई को शिमला पहुंचेगी, जबकि 26 जुलाई को शिमला के ऐतिहासिक चौड़ा मैदान में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित कर सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखी जाएंगी.







