27 जून को रायपुर में होगी महत्वपूर्ण बैठक, आंदोलन की रूपरेखा पर बनेगी रणनीति
कोरबा। छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनी में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली को लेकर अधिकारी एवं कर्मचारी संगठनों ने अब साझा मंच के माध्यम से निर्णायक संघर्ष का संकेत दे दिया है। इसी कड़ी में कोरबा पश्चिम स्थित ईरेक्टर हॉस्टल में विभिन्न अधिकारी-कर्मचारी संगठनों की लगभग तीन घंटे तक चली मैराथन बैठक में ओपीएस बहाली के लिए संयुक्त रणनीति बनाने और साझा मंच के गठन पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि विद्युत कंपनी में कार्यरत लगभग 9000 अधिकारी एवं कर्मचारियों का भविष्य पुरानी पेंशन योजना से जुड़ा हुआ है। कर्मचारियों के हितों की रक्षा और सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओपीएस की बहाली अत्यंत आवश्यक है। इस मुद्दे पर सभी संगठनों ने एक स्वर में संघर्ष तेज करने की आवश्यकता जताई।
बैठक में अभियंता संघ की ओर से शशांक कर्महे, आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बसुदेव भगत, प्रयाग सिंह कंवर एवं हर्षवर्धन पाटले, कर्मचारी जनता यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी, फेडरेशन-01 के प्रांतीय महासचिव आर.सी. चेट्टी, इंटक-56 के प्रांतीय अध्यक्ष राम इकबाल, पत्रोपाधि अभियंता संघ के मनोज पटेल तथा युवा अभियंताओं की ओर से प्रतीक शुक्ला एवं जमीर अहमद सहित विभिन्न संगठनों के केंद्रीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में पुरानी पेंशन योजना के लाभ, कर्मचारियों के भविष्य पर इसके प्रभाव तथा विद्युत कंपनियों में इसकी आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि ओपीएस केवल एक वित्तीय योजना नहीं, बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों के सम्मानजनक एवं सुरक्षित भविष्य की गारंटी है।
कोरबा पूर्व एवं पश्चिम क्षेत्र के युवा कर्मचारियों द्वारा सभी संगठनों को एक मंच पर लाने की पहल की सराहना करते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जल्द ही सभी संगठनों का एक साझा मंच गठित किया जाएगा। इसके लिए 27 जून 2026, शनिवार को दोपहर 12 बजे रायपुर स्थित विद्युत कंपनी मुख्यालय डंगनिया में अभियंता संघ कार्यालय में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में विद्युत क्षेत्र के सभी प्रमुख अधिकारी एवं कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा तथा साझा मंच के औपचारिक गठन को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि साझा मंच के गठन के बाद कंपनी प्रबंधन एवं राज्य शासन के समक्ष पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग को मजबूती से रखा जाएगा। यदि मांगों पर समयबद्ध और सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन एवं हड़ताल की रणनीति तैयार की जाएगी।
बैठक के आयोजन में मनोज वर्मा, सम्मेलाल श्रीवास, शरद सोनी एवं क्रांति कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जबकि कार्यक्रम का सफल संयोजन एवं संचालन शब्बीर मेमन ने किया।
बैठक में बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से कर्मचारी जनता यूनियन से अनिल द्विवेदी, सम्मेलाल श्रीवास, टी.पी. गुप्ता, लक्ष्मी प्रसाद यादव, सुखीदास महंत, प्रमोद कुमार राठौर, प्रकाश सिंह राठौर, सागर देवांगन, अरुण सागर एवं जॉर्ज के. थनकाचंद उपस्थित रहे। वहीं इंटक-56 से राम इकबाल, दिलीप ढोमने, सहदेव दास, क्रांति पटेल, जितेंद्र पांडे, मोहन सिंह कंवर, ओ.पी. वर्मा, रामकलेश वर्मा एवं आर.सी. सूर्यवंशी तथा फेडरेशन-01 से आर.सी. चेट्टी, मनोज वर्मा, घनश्याम साहू, सरोज राठौर, पवन दास एवं दूजराम साहू ने सहभागिता दर्ज की।
बैठक के अंत में सभी संगठनों ने स्पष्ट संदेश दिया कि पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों का अधिकार है और इसकी बहाली के लिए सभी संगठन अब एकजुट होकर साझा मंच के माध्यम से व्यापक एवं निर्णायक संघर्ष करेंगे।








