चोरी की मुखबिरी करने पर युवक पर जानलेवा हमला: तीन आरोपी जेल भेजे गए, एक नाबालिग हिरासत में

A youth was attacked for reporting theft: Three accused were sent to jail, a minor was detained.

बांकीमोंगरा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत हुई गिरफ्तारी।

कोरबा/बांकीमोंगरा /दुकान में हो रही चोरी की जानकारी उसके मालिक को देना एक युवक को भारी पड़ गया। इससे नाराज होकर शातिर आरोपियों ने युवक को रास्ते में घेरकर जान से मारने की नियत से लात-घूंसों और लोहे के कड़े से जानलेवा हमला कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बांकीमोंगरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन बालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि घटना में शामिल एक नाबालिग (विधि से संघर्षरत बालक) को हिरासत में लिया गया है।

चोरी पकड़े जाने की रंजिश में घेरा

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी अजय सिदार (उम्र 23 वर्ष, निवासी चाकाबुड़ा छिछमेपारा) ने 9 सितंबर 2026 की सुबह लगभग 4:00 बजे गांव के सल्हिापारा स्थित एक दुकान के पुराने घर से कन्हैयालाल, विजय और राहुल को चोरी का सामान ले जाते हुए रंगे हाथ देख लिया था। अजय ने इसकी सूचना तुरंत दुकान मालिक को दे दी। इसी बात की रंजिश को लेकर उसी रात करीब 9:00 बजे जब अजय तालाब के पास था, तब चारों आरोपियों ने उसे अकेला पाकर चारों तरफ से घेर लिया।

सिर पर कड़े से ताबड़तोड़ वार, गला दबोचा

आरोपियों ने दुकान मालिक को शिकायत करने की बात पर अजय के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर जान से मारने की नियत से उन्होंने अजय को जमीन पर गिराकर हाथ, मुक्के और लात से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इसी दौरान आरोपियों ने प्रार्थी का गला भी दबोच लिया। वहीं उनके साथ मौजूद एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) ने अपने हाथ में पहने लोहे के भारी कड़े (चूड़े) से अजय के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। इस हमले में अजय का सिर बुरी तरह फट गया और वह लहुलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गया।

अपराध कबूला, कोर्ट के आदेश पर भेजे गए जेल

पीड़ित अजय सिदार ने अगले दिन 10 सितंबर को थाने पहुंचकर मामले की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। बांकीमोंगरा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अपराध क्रमांक 176/2026 दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2), 351(3), 3(5) और 109(1) (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की।

विवेचना के दौरान पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों मुख्य आरोपियों को धर दबोचा:

  1. कन्हैयालाल अगरिया उर्फ कान्हा (19 वर्ष)
  2. विजय कुमार अगरिया उर्फ बिज्जू (20 वर्ष)
  3. राहुल सिंह अगरिया उर्फ सोनू (20 वर्ष)

कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर तीनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं मामले में शामिल नाबालिग बालक को बाल सुधार गृह भेजने की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।