सिविल लाइन रामपुर पुलिस की त्वरित कार्यवाही: हथियार दिखाकर दी थी वारदात को अंजाम, विवो मोबाइल और ₹6,000 नगद जप्त
कोरबा। थाना सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने राह चलती महिलाओं को निशाना बनाकर दिनदहाड़े पर्स लूटने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वारदात में शामिल दो विधि से संघर्षरत बालकों (नाबालिगों) को निरुद्ध किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटा गया विवो कंपनी का मोबाइल फोन और कुल ₹6,000 नगद बरामद किए गए हैं।
24 घंटे में दी दो वारदातों को अंजाम
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में लगातार दो दिनों में लूट की दो घटनाएं सामने आईं। पहली घटना 3 नवंबर 2026 की शाम करीब 4:07 बजे घटित हुई, जब पोड़ीबहार निवासी सीमा महंत कोसाबाड़ी जा रही थीं। कोसाबाड़ी पानी टंकी के पास मोटरसाइकिल सवार अज्ञात आरोपियों ने उन्हें पंचनुमा हथियार दिखाकर डराया-धमकाया और उनका हैंड पर्स लूटकर फरार हो गए।
इसके ठीक अगले दिन, 4 नवंबर को शाम 4:00 से 4:30 बजे के बीच, प्रार्थी चंदन सिंह की पत्नी आरती अपनी सहेलियों के साथ सेंट जेवियर्स स्कूल के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में जा रही थीं। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने उनका भी पर्स छीन लिया।
मुक्तिधाम के पास फेंका खाली पर्स, खाने-पीने में उड़ाए पैसे
लगातार हुई इन वारदातों को गंभीरता से लेते हुए सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने संदेहियों की घेराबंदी शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर मुख्य आरोपी दीपक साहू को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी दीपक ने अपने दो नाबालिग साथियों के साथ मिलकर दोनों लूट की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी ने खुलासा किया कि लूट की रकम में से कुछ पैसे उन्होंने खाने-पीने में खर्च कर दिए थे और खाली पर्स को पोड़ीबहार मुक्तिधाम के पास खड़ी एक कार के पीछे फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर विवो मोबाइल और नकद राशि बरामद कर गवाहों के समक्ष जप्त कर ली है।
आरोपी भेजे गए जेल और बाल सुधार गृह
पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी दीपक साहू (28 वर्ष), पिता अमर लाल साहू (निवासी 15 ब्लॉक, महावीर चौक के पास, सीएसईबी चौकी, रामपुर) को 5 नवंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। वहीं, मामले में संलिप्त दोनों विधि से संघर्षरत बालकों को निरुद्ध कर वैधानिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है, जहाँ से उन्हें आगे की कानूनी अभिरक्षा में भेजा जा रहा है।







