कटघोरा जिला यूनियन ने सहकारिता सप्ताह में योजनाओं से जोड़ने चलाया जागरूकता अभियान

Katghora District Union launched an awareness campaign to connect people with schemes during the Cooperative Week.

कोरबा 08 जुलाई 2026/ जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित कटघोरा द्वारा 29 जून से 6 जुलाई तक सहकारिता सप्ताह का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत जिला यूनियन क्षेत्र को पोड़ी, चैतमा, पसान, जटगा एवं छुरी क्लस्टर में विभाजित कर विभिन्न जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम का आयोजन प्रबंध संचालक श्री कुमार निशांत (भा.व.से.) के निर्देशन तथा नोडल अधिकारी श्री अश्वनी कुमार मिश्रा, उप प्रबंध संचालक की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान एमएसपी फॉर एमएफपी योजना के तहत लघु वनोपज का निर्धारित मानकों के अनुरूप संग्रहण एवं शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय करने के लाभों की जानकारी दी गई। बताया गया कि इससे संग्राहकों एवं हितग्राहियों को उचित मूल्य मिलने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
प्रबंधकों एवं फड़ मुंशियों को अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ने तथा वन धन विकास केंद्रों एवं प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के लिए गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। हितग्राहियों को वैज्ञानिक तरीके से लघु वनोपज संग्रहण, उचित सुखाई, साफ-सफाई, ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग के माध्यम से बेहतर गुणवत्ता और अधिक मूल्य प्राप्त करने की जानकारी दी गई। साथ ही मूल्य संवर्धन के जरिए अतिरिक्त आय के अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम में डिजिटल साक्षरता पर विशेष जोर देते हुए मोबाइल फोन के उपयोग, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन जानकारी प्राप्त करने तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ डिजिटल माध्यम से लेने के लिए प्रतिभागियों को प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि समिति क्षेत्रों में महुआ का संग्रहण अधिक होने की संभावना को देखते हुए महुआ प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किए जा सकते हैं, जहां महुआ से बिस्कुट, लड्डू, अचार सहित अन्य उत्पाद तैयार कर स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाई जा सकती है। वन धन एवं एमएसपी योजना के सफल हितग्राहियों के अनुभव भी साझा किए गए ताकि अन्य सदस्य भी प्रेरित होकर योजनाओं का अधिक लाभ उठा सकें।
सहकारिता सप्ताह के दौरान पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आंवला, नीम, जामुन एवं कटहल सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। उपस्थित अधिकारियों, स्व-सहायता समूहों, संग्राहकों एवं प्रतिनिधियों को पौधों की नियमित देखभाल, संरक्षण एवं सिंचाई के महत्व की जानकारी दी गई तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर उन्हें जीवित रखने का संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों एवं सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन तथा लघु वनोपज आधारित आजीविका को मजबूत बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।