दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना – प्रत्येक पात्र परिवार को मिलेगी प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता

Deendayal Upadhyay Landless Agricultural Labourers Welfare Scheme - Every eligible family will get financial assistance of Rs 10,000 per year.

भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक संबल देने की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल

सूरजपुर/21 जून 2026 /राज्य सरकार द्वारा भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों की शुद्ध आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करने के उद्देश्य से “दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना” संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र हितग्राही परिवार को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है ।
          योजना का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुंचाना है, जो खेती में परिश्रम तो करते हैं, परंतु उनके पास स्वयं की भूमि नहीं है। यह सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा की जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो। यह योजना भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है, ताकि वे शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
             योजना के अंतर्गत आवेदन के लिए आवेदक का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना आवश्यक है। पात्र समूह में भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी सहित अनुसूचित क्षेत्रों में देवस्थलों से जुड़े पुजारी, वैद्य, गुनिया एवं मांझी परिवार शामिल हैं। इन समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शासन द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
            योजना के अंतर्गत आवेदन की प्रक्रिया अत्यंत सरल रखी गई है। इच्छुक हितग्राही ग्राम/नगर पंचायत कार्यालय से ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। पूर्ण आवेदन जमा करने के पश्चात विभाग द्वारा सत्यता जांच की जाएगी। इसके अतिरिक्त पंजीयन विवरण ऑनलाइन मोबाइल नंबर, आधार नंबर अथवा पंजीयन क्रमांक के माध्यम से भी देखा जा सकता है। नियमित वित्तीय सहायता भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के लिए स्थायी लाभ सुनिश्चित करेगी। यह पहल राज्य सरकार की ग्रामीण कल्याण नीति में कमजोर वर्ग के उत्थान की प्राथमिकता को दर्शाती है।