रायपुर 21 जून 2026। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार को एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे। रायपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनकी अगवानी की।
राहुल गांधी रायपुर जिले के अभनपुर में आयोजित कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे, जहां वे करीब चार घंटे तक पार्टी पदाधिकारियों और नवनियुक्त जिलाध्यक्षों के साथ संवाद करेंगे।
कांग्रेस के संगठनात्मक अभियान के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राहुल गांधी जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के साथ सीधा संवाद करेंगे। कार्यक्रम को गोपनीय रखा गया है, लेकिन प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी अभनपुर पहुंचे हैं।
राहुल गांधी संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने को लेकर नेताओं को मार्गदर्शन देंगे।
राहुल गांधी के दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सक्ती जिले के जैजपुर से पहुंचे ब्लॉक अध्यक्ष कौशिक चंद्र ने बताया कि वे पहले भी राहुल गांधी से मिलने बाइक से दिल्ली गए थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी थी। इस बार भी वे बाइक से अभनपुर पहुंचे हैं ताकि राहुल गांधी से मुलाकात कर सकें।
राहुल गांधी के दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी “आलू से सोना निकालने की ट्रेनिंग” देने आए हैं।
इस पर कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने पलटवार करते हुए कहा कि पुरंदर मिश्रा “एक्सीडेंटल विधायक” हैं और अनावश्यक बयान देकर सुर्खियों में बने रहने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी अपने दौरे के दौरान पार्टी के नवनियुक्त 41 जिलाध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। वे संगठन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करेंगे और आगामी चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा करेंगे।
कार्यक्रम में बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने, जनसंपर्क अभियान और पार्टी विस्तार जैसे मुद्दों पर विशेष फोकस रहेगा।
20 जून से 29 जून तक चल रहे कांग्रेस के इस प्रशिक्षण शिविर में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राहुल गांधी जिलाध्यक्षों को संगठन विस्तार और राजनीतिक गतिविधियों के लिए टारगेट शीट सौंप सकते हैं।बताया जा रहा है कि प्रत्येक जिले में पार्टी को मजबूत करने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर विशेष जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।







