छत्तीसगढ़ की एक कोयला खदान में मजदूरी करने वाले पिता ने जमीन बेचकर जिस बेटी को बी-टेक कराके काबिल बनाया था वह बाबा के चंगुल में फंसकर 90 हजार रुपये की नौकरी छोड़कर उसके साथ रहने लगी थी। कई परिजन अपनी बेटी को लेने आए, लेकिन वह उनके साथ नहीं गई। परेशान होकर परिजन ने पुलिस से शिकायत की थी
पुलिस ने अनुसार, छत्तीसगढ़ की रहने वाली युवती 2023 में मुंबई में अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास के साथ एक संस्थान में नौकरी करती थी। अभिषेक वहां से नौकरी छोड़कर राधाकुंड आ गया। इसके बाद उसने अपना रैकेट शुरू किया। कुछ दिन बाद नौकरी छोड़कर युवती भी उसके पास आ गई। इसके बाद वह घर वापस नहीं गई। युवती के इस कदम से परिजन परेशान होने लगे और कई बार अपने साथ ले जाने का प्रयास किया।
हालांकि कि उसकी जिद से परिजन को पीछे हटना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि युवती के पिता ने पुश्तैनी जमीन तक बेचकर बेटी को बी-टेक कराया। बेटी होनहार थी, लिहाजा पढ़ाई पूरी होते ही उसका चयन मुंबई की एक नामी कंपनी में 90 हजार रुपये महीने के पैकेज पर हो गया। बाद में बाबा के झांसे में आकर सब कुछ छोड़ दिया और उसके साथ रहने लगी। हालांकि रैकेट का खुलासा होने के बाद परिजन उसे भी घर ले गए।
अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दे परिजन से वसूलता था रकम
एसपी देहता सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि आरोपी बाबा बेहद शातिर तरीके से युवक-युवतियों का शोषण करता था। वह आश्रम में आने वाली युवतियों के अश्लील फोटो और वीडियो बना लेता था। इसके बाद वह इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने और बदनाम करने की धमकी देकर पीड़िताओं के परिजन से मोटी रकम वसूलता था। ब्लैकमेलिंग से मिली इसी काली कमाई के जरिए उसने राधाकुंड में एक आलीशान मकान (आश्रम) भी खड़ा कर लिया है। फिलहाल वह भवन निर्माणाधीन है।







