एक साल में बढ़े 1.61 लाख नए बिजली उपभोक्ता, 17 हजार कृषि पंपों को नया कनेक्शन

1.61 lakh new electricity consumers increased in one year, new connections to 17 thousand agricultural pumps

बिजली क्षेत्र में मजबूत हो रही आधारभूत संरचना

रायपुर, 3 जून 2026। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2025–26 के दौरान बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार और विस्तार दर्ज किया गया है, जहां छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत 1502.86 करोड़ रुपए से अधिक के कार्य कर बिजली व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इन प्रयासों का सीधा लाभ प्रदेश के लाखों घरेलू, कृषि और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को मिल रहा है, जिससे बिजली सेवाओं की पहुंच का दायरा बढ़ा है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बीते एक वर्ष में 17,184 कृषि पंपों का ऊर्जीकरण किया है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर और नियमित बिजली उपलब्ध हो रही है। इससे खेती की लागत कम होने के साथ उत्पादन बढ़ाने में भी सहायता मिल रही है। वहीं उपभोक्ता सेवाओं को तेज और सरल बनाते हुए 1.61 लाख से अधिक नए बिजली कनेक्शन जारी किए गए, जिससे नए घरों, दुकानों और छोटे उद्योगों को समय पर बिजली उपलब्ध हो सकी।

शहरी क्षेत्रों में भी बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सैकड़ों कार्य किए गए, जिनमें लाइन अपग्रेडेशन, ट्रांसफॉर्मर स्थापना और नेटवर्क सुधार शामिल हैं। इससे शहरों में वोल्टेज संबंधी समस्याओं तथा बार-बार होने वाले फॉल्ट में कमी आई है, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद बिजली आपूर्ति मिल रही है।

बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य में 33 केवी, 11 केवी एवं एलटी लाइनों का बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया है तथा अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए गए हैं, जिससे बिजली आपूर्ति की क्षमता और स्थिरता दोनों में सुधार हुआ है।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाते हुए 92 गांवों और 146 बस्तियों तक बिजली सुविधा का विस्तार किया गया। वहीं जनजातीय क्षेत्रों में 19,641 घरों तक बिजली पहुंचाई गई। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के 492 घरों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण किया गया, जो दुर्गम क्षेत्रों में कार्य निष्पादन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इन प्रयासों से शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसरों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार के लिए आरडीएसएस योजना के तहत 785.56 करोड़ रुपए की लागत से व्यापक तकनीकी कार्य किए गए, जिनमें फीडर पृथक्करण, ओवरलोड कम करना, नए ट्रांसफॉर्मर स्थापित करना तथा हजारों किलोमीटर एलटी लाइन एवं केबल का उन्नयन और प्रतिस्थापन शामिल है। इन सुधारों का लाभ उपभोक्ताओं को स्थिर वोल्टेज, कम ट्रिपिंग और कम बिजली कटौती के रूप में मिल रहा है, जिससे घरेलू एवं व्यावसायिक गतिविधियां अधिक सुचारू हुई हैं।