जैलगांव चौक से एनटीपीसी जवाहर गेट के मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाइट न होने के कारण स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शाम ढलते ही इस पूरे इलाके में अंधेरा छा जाता है, जिससे,आए दिन हादसे हो रहे हैं।  इन मार्गों पर तेज रफ्तार वाहन चलने के कारण मुख्य मार्ग जवाहर गेट के पास खतरनाक मोड़ पर अंधेरे होने के कारण कई बार हादसा हो चुकी है कई लोग की जान जा चुकी है,मवेशियों का जमावड़ा दिन व रात में बना रहता है। ऐसे में रात के समय स्ट्रीट लाइट न होने के कारण सड़क पर चल रहे अथवा बैठे मवेशी को वाहन चालक देख नहीं पाते हैं और हादसों का शिकार हो रहे हैं, अंधेरे होने के कारण बड़े वाहन चालक और बाइक चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को अंधेरे, असुरक्षा और दुर्घटनाओं जैसी कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।रात के समय एनटीपीसी जबहार गेट के पास खतरनाक मोड़ पर अंधेरा होने के कारण बड़े वाहन चालकों को सड़क की सही स्थिति  का अंदाजा नहीं लग पाता है। जिसे दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वाले को खतरा बहुत बढ़ जाता है। एनटीपीसी जवाहर गेट से शांति हीरो तक सड़कों पर रोशनी न होने से विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में असुरक्षा और भय का माहौल बना रहता है। रात के अंधेरे में सड़क पर बैठे या घूमते हुए पशु वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते, जिससे टकराकर अक्सर बड़े हादसे इस जगह के पास हो रहा हैं

मुख्य मार्गों पर स्ट्रीट लाइट न होने की वजह से अंधेरा छा जाता है। नगर परिषद के अफसरों की अनदेखी व निष्क्रियता के चलते इस वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। वहीं अंधेरी सड़कों में बेसहारा मवेशियों का जमावड़ा बना रहता है। ऐसे में वाहन चालक आए दिन हादसे का शिकार हो रहे हैं।

बता दें कि जैलगांव चौक से एनटीपीसी जवाहर गेट  जगहों पर स्ट्रीट लाइन न होने की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। क्योंकि इन मार्गों पर तेज रफ्तार वाहन दौड़ते हैं। मुख्य मार्ग पर बेसहारा मवेशियों का जमावड़ा 24 घंटे दिन व रात में बना रहता है। ऐसे में स्ट्रीट लाइट न होने के कारण सड़क पर चल रहे अथवा बैठे मवेशी को वाहन चालक देख नहीं पाते हैं और हादसों का शिकार हो जाते हैं। 10 दिन पहले  रोड पर एक बाइक सवार अंधेरा होने के कारण मवेशी की चपेट में आ जाने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। हालांकि यह एक मामला नहीं, सड़क पर अंधेरा होने की वजह से आए दिन इस तरह के हादसे हो रहे हैं। वहीं स्ट्रीट लाइट न जलने से सबसे ज्यादा परेशानी पैदल जा रहे लोगों को होती है।

अफसरों पर कोई असर नहींमुख्य मार्गों पर स्ट्रीट लाइट लगवाने जाने को लेकर कई बार स्थानीय समाजसेवियों, दुकानदारों के द्वारा नगर परिषद के अधिकारियों से मांग की जा चुकी है। लेकिन इसके बावजूद भी जिम्मेदार अफसरों पर इसका कोई भी असर होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।

मुख्य मार्गों पर स्ट्रीट लाइट लगवाने जाने को लेकर कई बार स्थानी नागरिक के द्वारा  अधिकारियों से मांग की जा चुकी है। लेकिन इसके बावजूद भी जिम्मेदार अफसरों पर इसका कोई भी असर होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।