चिंतावागु नदी बनी चुनौती तो नगर सेना बनी सहारा, बोट से ग्रामीणों को सुरक्षित कराया पार

When the Chintavagu River became a challenge, the city army came forward to help the villagers cross safely by boat.

मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल से संकट की घड़ी में ग्रामीणों के साथ खड़ा प्रशासन, प्रभारी मंत्री के मार्गदर्शन में राहत-बचाव कार्य जारी

रायपुर, 24 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में उफनती चिंतावागु नदी के तेज बहाव और बढ़े हुए जलस्तर के बीच नगर सेना (DDRF) की बचाव टीम ने गुड्डीपाल गांव की एक बीमार महिला विमला अंगनपल्ली और उनके परिजनों को सुरक्षित नदी पार कराकर बीजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया और जीवन बचाया।
नगर सेना की टीम ने बोट के माध्यम से ग्रामीणों को सुरक्षित नदी पार कराया
      बीजापुर जिले में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने पर जिला प्रशासन और राहत-बचाव दल पूरी तत्परता से ग्रामीणों की मदद में जुटे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में प्रशासन द्वारा विषम परिस्थितियों में ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में तहसील बीजापुर के ग्राम चिन्नाकवाली के पास चिंतावागु नदी में पानी का बहाव बढ़ने से नदी पार करना ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो गया। स्थिति को देखते हुए नगर सेना की टीम ने मौके पर पहुंचकर बोट के माध्यम से ग्रामीणों को सुरक्षित नदी पार कराया।
अस्वस्थ ग्रामीणों को प्राथमिकता से पहुंचाया सुरक्षित
      चिंतावागु नदी में तेज बहाव के बीच नगर सेना के जवानों ने पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ बोट का संचालन किया। टीम ने विशेष रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित नदी के दूसरे छोर तक पहुंचाया। इससे ग्रामीणों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार तक पहुंचने में मदद मिली। नगर सेना के जवानों की तत्परता और सेवा भावना से बारिश के बीच ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली। कठिन परिस्थितियों में जवानों ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ग्रामीणों की मदद की।
मुश्किल समय में ग्रामीणों के साथ प्रशासन
     बारिश के मौसम में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होता है। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। चिन्नाकवाली के पास चिंतावागु नदी में नगर सेना की यह पहल प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता का उदाहरण है। ग्रामीणों ने संकट की घड़ी में मदद के लिए नगर सेना के जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया।
     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार का प्रयास है कि 
प्राकृतिक आपदा या विषम परिस्थितियों में प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी शासन की सहायता समय पर पहुंचे। प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।