वास्तु शास्त्र में माना गया है कि अगर आप अपने घर में कुछ वास्तु नियमों की अनदेखी करते हैं तो इससे आपको वास्तु दोष का सामना करना पड़ता है। इससे धन की हानि समेत और भी कई समस्याएं झेलनी पड़ सकती है। ऐसे में आपके वास्तु शास्त्र के इन नियमों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।
- घर में जरूर रखना चाहिए वास्तु नियमों का ध्यान।
- इससे घर में बनी रहता है सुख-समृद्धि का वास।
- इनकी अनदेखी करने पर लग सकता है वास्तु दोष।
धर्म डेस्क, । अगर आप कुछ वास्तु नियमों की अनदेखी करते हैं, तो इससे आपके जीवन में कई तरह की परेशानियां बढ़ जाती हैं। वास्तु दोष धन खर्च का कारण बन सकता है, साथ ही घर में किसी सदस्य का लगातार बीमार रहना, लड़ाई-झगड़े जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में आप इन बातों का ध्यान रखकर भी वास्तु दोष से बच सकते हैं।
पश्चिम दिशा से जुड़े नियम
वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर आपका किचन घर की पश्चिम दिशा में है, तो इसे शुभ माना जाता है। बस इस बात का ध्यान रखें कि आपका किचन और टॉयलेट पास-पास नहीं होना चाहिए, वरना यह वास्तु दोष का कारण बन सकता है।
दक्षिण दिशा के वास्तु नियम
वास्तु शास्त्र में यह माना गया है कि घर की दक्षिण दिशा जितनी ढकी हुई हो उतना अच्छा होता है। ऐसे में आप घर की इस दिशा में भारी सामान जैसे तिजोरी, मशीनें आदि रख सकते हैं। ऐसा करने से स्थिरता बनी रहती है। लेकिन दक्षिण दिशा में भूलकर भी खराब मशीनरी, कबाड़, जूते-चप्पल या तुलसी का पौधा आदि नहीं रखना चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना गया है।
रखें इन दिशाओं का भी ध्यान
आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व दिशा) – वास्तु शास्त्र में इस दिशा को अग्नि की दिशा का रूप में देखा जाता है। ऐसे में आप इस दिशा में रसोई, बॉयलर, बिजली के उपकरण और हीटर जैसी आग से संबंधित चीजें रख सकते हैं।
ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) – वास्तु शास्त्र में ईशान कोण को विशेष महत्व दिया गया है। इस दिशा में पूजा घर होना शुभ माना गया है। साथ ही घर की इस दिशा में वाटर टैंक या बोरिंग होना भी अच्छा होता है।
वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम दिशा) – घर की इस दिशा में बेडरूम या गैरेज होना अच्छा माना गया है। वहीं अगर
नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) – वास्तु शास्त्र में माना गया है कि आप इस दिशा में कैश काउंटर बनवा सकते हैं या फिर मशीनें आदि भी रख सकते हैं।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। यहां इस लेख फीचर में लइस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें







