कबीरधाम जिले के कुकदूर थाना क्षेत्र के ग्राम बिजोराटोला में फांसी पर लटके मिले प्रेमसिंह बैगा की मौत का मामला आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या निकला। पुलिस जांच में सामने आया कि प्रेमसिंह की पहले मारपीट के बाद साड़ी से गला कसकर हत्या की गई और इसके बाद वारदात को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को घर के म्यार में साड़ी के सहारे फांसी पर लटका दिया गया। पुलिस ने मामले में मृतक की हत्या के आरोप में ससुर-दामाद को गिरफ्तार किया है।
एडिशनल एसपी हेमसागर सिदार के मुताबिक, घटना 8 अगस्त की है। ग्राम कांदावानी निवासी छत्तर सिंह बैगा (55) अपने दामाद चैतराम बैगा (26) के साथ बैगाई-गुनियाई ( झाड़-फूंक) के सिलसिले में ग्राम बिजोराटोला पहुंचा था। इस दौरान दोनों ने प्रेमसिंह के साथ शराब का सेवन किया। बातचीत के दौरान बैगाई-गुनियाई की बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर छत्तर सिंह और चैतराम ने प्रेमसिंह के साथ मारपीट की।
पुलिस जांच के अनुसार, मारपीट के दौरान दोनों आरोपियों ने साड़ी से प्रेमसिंह का गला कस दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने घटना छिपाने की कोशिश की। उन्होंने शव को उसी के घर के म्यार में साड़ी से लटका दिया, ताकि मामला फांसी लगाकर आत्महत्या का दिखाई दे।
प्रेमसिंह के फांसी लगाने की सूचना पर कुकदूर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। घटनास्थल के निरीक्षण और शव पंचनामा के दौरान पुलिस को मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिले। इससे पुलिस को मौत के कारण पर संदेह हुआ। इसके बाद घटनास्थल, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।
साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने छत्तर सिंह बैगा और चैतराम बैगा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने हत्या करने और शव को फांसी पर लटकाने की बात स्वीकार की है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।







