कोरबा। जिला मुख्यालय स्थित कोरबा मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल की पार्किंग में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पार्किंग का नया ठेकेदार बदलने के बाद भी वाहन चोरी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में अस्पताल की पार्किंग से फिर दो मोटरसाइकिलें चोरी हो गईं, जिससे अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस लगातार हो रही लापरवाही से मरीजों के परिजनों और अस्पताल स्टाफ में भारी आक्रोश है।
CCTV न होने का चोर उठा रहे फायदा
हैरानी की बात यह है कि मेडिकल कॉलेज जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाके की पार्किंग में एक भी सीसीटीवी (CCTV) कैमरा काम नहीं कर रहा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण चोर आसानी से वाहनों पर हाथ साफ कर रहे हैं। वारदात होने के बाद पुलिस और पीड़ितों के पास फुटेज खंगालने का भी कोई जरिया नहीं बचता है।
पैसे लेने के बाद भी जिम्मेदारी से मुकर रहे कर्मचारी
पीड़ितों का आरोप है कि पार्किंग कर्मचारी गाड़ी खड़ी करने के लिए ₹10 की रसीद तो काटते हैं, लेकिन वाहन की सुरक्षा को लेकर उनकी कोई जवाबदेही नहीं होती। पीड़ितों के अनुसार, कर्मचारी पहले तो कहते हैं कि पर्ची न कटवाने पर चोरी की जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी, लेकिन पैसे लेने के बाद जब गाड़ी चोरी हो जाती है, तो वे पल्ला झाड़ लेते हैं। इतना ही नहीं, शिकायत करने पर कर्मचारी पीड़ितों को पुलिस के पास न जाने की सलाह और दबाव भी देते हैं।
पुर्जे गायब कर औने-पौने दाम में बेच रहे चोर
वाहनों की सुरक्षा किस कदर खतरे में है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूर्व में चोरी हुई रितिक उरांव नाम के युवक की बाइक जब एक महीने बाद मिली, तो चोरों ने उसे महज ₹5,000 में किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया था। बरामदगी के वक्त गाड़ी की बॉडी टूटी हुई थी और उसकी बैटरी समेत कई मुख्य पार्ट्स गायब थे।
लोगों ने उठाई कड़े कदम उठाने की मांग
अस्पताल में आने वाले आम नागरिकों और समाजसेवियों ने प्रबंधन व जिला प्रशासन से मांग की है कि:
- पार्किंग परिसर के चारों तरफ और प्रवेश-निकास द्वारों पर तुरंत उच्च गुणवत्ता वाले CCTV कैमरे लगाए जाएं।
- वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एंट्री-एग्जिट रजिस्टर मेंटेन किया जाए।
- पुलिस इस गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए त्वरित कार्रवाई करे।







