आधुनिक उद्यानिकी से कन्हैया लाल पटेल की आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा

Modern horticulture has significantly increased Kanhaiya Lal Patel's income

कोरबा 23 सितंबर 2026/कोरबा जिले के विकासखंड पाली अंतर्गत ग्राम बोइदा के सराईपाली निवासी श्री कन्हैया लाल पटेल के लिए उद्यानिकी विभाग की योजनाएं खेती को नई दिशा देने वाली साबित हुई हैं। कभी पारंपरिक रूप से केवल धान की एक मौसमी फसल पर निर्भर रहने वाले श्री पटेल आज आधुनिक तकनीक और संरक्षित उद्यानिकी पद्धति अपनाकर वर्ष में तीन चक्रों में सब्जियों की खेती कर रहे हैं। इससे उनकी वार्षिक आय 55 से 60 हजार रुपये से बढ़कर लगभग 3 से 4 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
योजना से जुड़ने से पहले सिंचाई सुविधा और कृषि उपकरणों की कमी के कारण उन्हें वर्ष में केवल एक ही फसल लेने का अवसर मिलता था। जुताई के लिए किराए के ट्रैक्टर पर निर्भरता और कृषि आदानों की बढ़ती लागत के कारण खेती से होने वाला लाभ काफी सीमित था। छह सदस्यीय परिवार के पालन-पोषण में उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
इसी दौरान उद्यानिकी विभाग के मैदानी तकनीकी कर्मचारियों से उन्हें विभागीय योजनाओं की जानकारी मिली। विभागीय मार्गदर्शन प्राप्त कर उन्होंने शासकीय उद्यान रोपणी पोंडी (लाफा) में आवेदन प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना तथा राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली, प्लास्टिक मल्चिंग और पावर टिलर की सुविधा मिली। वर्ष 2026 में उन्नत ग्राफ्टेड बैंगन के पौधों तथा बांस-बल्ली के लिए विभागीय अनुदान भी प्राप्त हुआ।
आधुनिक तकनीक अपनाने से पानी और उर्वरक की बचत हुई तथा खरपतवार एवं कीट-व्याधियों के नियंत्रण में भी मदद मिली। ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। अब श्री पटेल वर्षभर मौसमी एवं नकदी सब्जियों की तीन फसलें ले रहे हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हुई है।
आर्थिक स्थिति में सुधार का असर उनके पारिवारिक जीवन पर भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कृषि उपज के परिवहन के लिए स्वयं का पिकअप वाहन और निजी उपयोग के लिए दोपहिया वाहन खरीदा है। उनका नया पक्का मकान निर्माणाधीन है और वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ समाज में उनका मान-सम्मान भी बढ़ा है। आज वे आसपास के किसानों को भी खेती की आधुनिक तकनीकों के संबंध में मार्गदर्शन दे रहे हैं।
श्री कन्हैया लाल पटेल बताते हैं कि उद्यानिकी विभाग से मिले ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और पावर टिलर जैसी सुविधाओं तथा विभागीय मार्गदर्शन ने उनकी खेती की दिशा बदल दी। ग्राफ्टेड बैंगन से बेहतर उत्पादन मिला और आज वे अपनी मेहनत के साथ आधुनिक तकनीक का उपयोग कर परिवार को बेहतर जीवन देने में सक्षम हो रहे हैं।
कन्हैया लाल पटेल की यह सफलता बताती है कि आधुनिक तकनीक, विभागीय मार्गदर्शन और शासकीय योजनाओं का प्रभावी लाभ मिलने से पारंपरिक खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ आजीविका के रूप में विकसित किया जा सकता है।