कोटा पुलिस का अवैध शराब पर बड़ा ‘प्रहार’: 133 लीटर महुआ शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, मोटरसाइकिल जब्त

Kota Police's major 'attack' on illicit liquor: Two smugglers arrested with 133 liters of Mahua liquor, motorcycle seized

बिलासपुर। बिलासपुर उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ ‘विशेष अभियान प्रहार’ चलाया जा रहा है। [1] इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह एवं अनुभागीय अधिकारी पुलिस कोटा नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में कोटा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। [1] थाना कोटा प्रभारी व प्रशिक्षु उप निरीक्षक दिलीप कुमार साहू के नेतृत्व में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध महुआ शराब के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

तालाब के पास घेराबंदी कर पकड़ाया आदतन अपराधी
पहली कार्रवाई में कोटा पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर गनियारी के बांधा तालाब के पास घेराबंदी की। [1] पुलिस ने यहाँ शातिर आरोपी विरेन्द्र वर्मा (34 वर्ष), निवासी गनियारी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे और उसकी झोपड़ी से 113 लीटर अवैध हाथ भट्टी कच्ची महुआ शराब बरामद की गई, जिसकी कीमत लगभग ₹22,600 है। पकड़ा गया आरोपी थाना कोटा का पुराना आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध आबकारी एक्ट के पूर्व में भी चार गंभीर मामले दर्ज हैं।

मोटरसाइकिल से शराब परिवहन करते दबोचा
वहीं दूसरी कार्रवाई में, पुलिस को बिल्लीबंद से नवागांव की ओर मोटरसाइकिल पर शराब परिवहन करने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस टीम ने नाका चौक के पास घेराबंदी कर आरोपी बृजभूषण उर्फ मुकेश कुमार जगत (30 वर्ष), निवासी नवागांव को दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से बजाज डिस्कवर मोटरसाइकिल (CG 10 EF 3831) में परिवहन की जा रही 20 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग ₹4,000 है।

ई-साक्ष्य ऐप से सुरक्षित किए गए डिजिटल सबूत
पुलिस ने दोनों मामलों में कुल 133 लीटर अवैध महुआ शराब एवं परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को जब्त किया है।इस पूरी कार्रवाई में खास बात यह रही कि ‘ई-साक्ष्य ऐप’ के माध्यम से मौके पर ही डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए गए। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर न्यायालय भेजा गया, जहां से उन्हें जेल दाखिल कर दिया गया है।

इस संपूर्ण सफल कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक सत्यप्रकाश यादव, भुनेश्वर मरावी तथा आरक्षक सुनील पटेल, मोहन ध्रुव, महेंद्र रजवाड़े एवं धर्मेंद्र साहू की सराहनीय एवं महत्वपूर्ण भूमिका रही।