अपने ही घर में चोरी करने के प्रकरण को कोटा पुलिस ने चन्द घंटों में सुलझाया

Kota police solved the case of theft in one's own house within a few hours.

बिलासपुर/कोटा में घर से हुई चोरी का खुलासा पुलिस ने कुछ घंटों में कर दिया और आरोपी रिश्तेदार को भी पकड़ लिया। चोरी का सारा माल बरामद होने के बाद पीड़ित ने आरोपी को अपना रिश्तेदार बताते हुए एफआईआर दर्ज कराने से मना कर दिया और पुलिस को शपथ पत्र सौंप दिया।

पुलिस के अनुसार चेतना विरुद्ध नशा व प्रहार अभियान के तहत सभी अपराधों के त्वरित कार्यवाही करने हेतु  उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.) द्वारा निर्देशित किया गया है। दिनांक 18.07.2026 को मौहारखार से प्रार्थी फोन से सूचना दिया कि किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा घर में घुसकर सोने एवं चांदी के आभूषण कुल कीमती करीबन 2500000 रु को चोरी कर लिया है कि सूचना पर कोटा पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए सी सी टी वी फुटेज का जांच एवं वैज्ञानिक अनुसंधान से जांच करने पर प्रार्थी के नाती के द्वारा चोरी किए जाने का तथ्य सामने आया जिस पर प्रार्थी के नाती को थाना लाकर पूछताछ करने पर प्रार्थी के नाती के द्वारा चोरी करना स्वीकार करते हुए चोरी हुए झुमका 01 सेट, टॉप झूल 01 सेट, टॉप नॉर्मल 02 जोड़ी, कनोटी 01 नग, नेकलेस 01 नग, मंगलसूत्र 02 नग + 02 मोती, नोज पिन 7 नग गोल्ड रिंग 1 नग पायल 2 जोड़ी, पुराना पायल 09 जोड़ी , करधन 01 नग, पतला करधन 01 नग , चाबी गुच्छा 04 नग , बच्चे की चांदी की चूड़ी 01 जोड़ी , बिछिया 49 नग , चांदी का सिक्का 12 नग , चांदी की छोटी कटोरी 01 नग को कुल मशरूका लगभग 25 लाख को

  • सत प्रतिशत बरामद किया गया है । प्रकरण में आरोपी प्रार्थी का नाती होने के कारण प्रार्थी के द्वारा थाना में अपराध पंजीबद्ध करने से इनकार किये जाने के कारण पारिवारिक मामला होने से परिवार के सदस्यों के मध्य आपसी सहमति से स्टॉम्प पेपर में कोई कार्यवाही नहीं चाहने के संबंध में लिखित में दिया गया है।

परिवार के लोगों ने आपस में बैठकर मामले का समाधान कर लिया है। आरोपित ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पछतावा जताया है। पूरा सामान वापस मिलने के बाद उन्होंने उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने या किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस मामले को लेकर उन्हें पुलिस से कोई शिकायत नहीं रहेगी।