कोरबा। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम कसने और सामाजिक सरोकार निभाने के उद्देश्य से कोरबा पुलिस द्वारा एक अनूठी पहल की गई। पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्री सिद्धार्थ तिवारी के नेतृत्व में नगर निगम कोरबा के सभागार में ‘साइबर चौपाल’ एवं ‘रक्तदान शिविर’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस ने न केवल लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक किया, बल्कि कानून-व्यवस्था के साथ-साथ मानव सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
अधिकारियों ने पेश की मिसाल
शिविर में सामाजिक सेवा की भावना को बढ़ावा देने के लिए जिला पुलिस के आला अधिकारियों ने खुद आगे बढ़कर मिसाल पेश की। पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्री लखन पटले और नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) श्री प्रतीक चतुर्वेदी ने स्वयं रक्तदान किया। वरिष्ठ अधिकारियों को रक्तदान करते देख वहां मौजूद अन्य पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों में भारी उत्साह देखा गया और बड़ी संख्या में लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया।

इस अवसर पर एसपी श्री सिद्धार्थ तिवारी ने कहा, “रक्तदान एक महान सामाजिक सेवा है। किसी भी आपात स्थिति में हमारे द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद का जीवन बचा सकता है।” उन्होंने युवाओं और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में आगे आकर रक्तदान करने की अपील की।
जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच
साइबर चौपाल के दौरान मौजूद नागरिकों को वर्तमान समय में पैर पसार रहे विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए। पुलिस विशेषज्ञों ने लोगों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लॉटरी कॉल, अनजान मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड न करने और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने की सख्त हिदायत दी। नागरिकों को समझाया गया कि वे अपना ओटीपी (OTP), सीवीवी (CVV) या बैंक संबंधी कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
धोखाधड़ी होने पर तुरंत करें 1930 पर कॉल
कार्यक्रम में पुलिस ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके साथ ही नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। पुलिस ने संदेश दिया कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराधियों से बचने का सबसे अचूक हथियार है।








