कलेक्टोरेट सभागार में विभिन्न बैंकों की जिलास्तरीय बैठक संपन्न
कोरबा, 25 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अपराधों पर लगाम लगाने के लिए चलाया जा रहा “साइबर जागृति अभियान” अपने द्वितीय सप्ताह में पूरी गति से जारी है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले के निर्देशन में आज जिले भर के बैंकिंग संस्थानों, सार्वजनिक क्षेत्रों और शैक्षणिक संस्थाओं में वृहद स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अभियान के तहत कलेक्टोरेट सभागार में विभिन्न बैंकों की जिलास्तरीय बैठक भी संपन्न हुई, जिसमें वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित रखने की रणनीति पर गहन चर्चा की गई।
समाचार के मुख्य बिंदु
- कलेक्टोरेट में बैठक: जिलास्तरीय बैंकर्स बैठक में साइबर फ्रॉड रोकने के उपायों पर मंथन।
- थाना स्तर पर एक्शन: कोतवाली, बालको, दर्री, दीपका सहित 11 से अधिक थाना क्षेत्रों में विशेष कैंप।
- टारगेट ग्रुप: वित्तीय संस्थानों के उपभोक्ता, ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक और स्कूली छात्र-छात्राएं।
- मूल मंत्र: ‘सतर्कता ही सुरक्षा है’ – UPI, बैंक फ्रॉड और संदिग्ध लिंक्स से बचने की दी गई समझाइश।
बैंक से लेकर स्कूल तक: इन प्रमुख केंद्रों पर दी गई दस्तक
आज दिनांक 25.08.2026 को कोरबा पुलिस की अलग-अलग टीमों ने जिले के चप्पे-चप्पे में पहुंचकर लोगों को जागरूक किया:
- बैंकिंग संस्थान: दीपका के यूको बैंक, कटघोरा के एसबीआई बैंक, हरदीबाजार के छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, बालको के ग्रामीण व आईसीआईसीआई बैंक, उरगा के एसबीआई व ग्रामीण बैंक, टी.पी. नगर के पीएनबी बैंक, कोतवाली के एसबीआई (पुराना बस स्टैंड), करतला के एसबीआई और पसान के एसबीआई कियोस्क सेंटर में विशेष सत्र आयोजित किए गए।
- शैक्षणिक संस्थान: ग्रामीण बैंक दर्री व महिला थाना की टीम ने शासकीय विद्यालय गोपालपुर में और बांगो पुलिस ने लमना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं को डिजिटल सुरक्षा के गुर सिखाए।
साइबर फ्रॉड से बचने पुलिस ने दी यह महत्वपूर्ण जानकारियां
कार्यक्रमों के दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को वर्तमान में चल रहे UPI फ्रॉड, बैंक फ्रॉड और फर्जी कॉल्स के तौर-तरीकों से अवगत कराया और निम्नलिखित सावधानियां बरतने की समझाइश दी:
- गोपनीयता सर्वोपरि: अपना OTP (वन टाइम पासवर्ड), UPI PIN, नेट बैंकिंग पासवर्ड या कार्ड की जानकारी कभी किसी अनजान से साझा न करें।
- लोभ और डर से बचें: लॉटरी, सस्ते लोन के फर्जी कॉल या ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे डरावने कॉल्स के झांसे में बिल्कुल न आएं।
- संदिग्ध लिंक्स से दूरी: व्हाट्सएप या एसएमएस पर आने वाले किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करें।
कोरबा पुलिस की जनता से अपील: घबराएं नहीं, ‘1930’ डायल करें
कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। ठगी होने के तुरंत बाद (गोल्डन ऑवर में) राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। समय पर दी गई सूचना से ठगी गई राशि को बैंक खातों में होल्ड (फ्रीज) कराना आसान होता है।
“सतर्क रहें, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।”







