सार्वजनिक एवं निजी उपक्रमों की ज़मीन पर बसे लोगों को पट्टा दिलाने उद्योग मंत्री की पहल, मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जमीन शासन को हस्तांतरण करने का आग्रह

Industry Minister takes initiative to secure leases for people living on land owned by public and private enterprises, writes to Chief Minister urging transfer of land to the government

सीएसईबी, एनटीपीसी, एसईसीएल सहित अन्य विभागों की ज़मीन पर काबिज लोगों को पट्टा दिलाने आवश्यक कार्यवाही का किया अनुरोध


कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्र में लंबे समय से सार्वजनिक एवं निजी उपक्रमों की जमीन पर काबिज लोगों को स्थायी पट्टा दिलाने की दिशा में नगर विधायक एवं कैबिनेट मंत्री श्रीलखन लाल देवांगन द्वारा पहल की गई है। मंत्री देवांगन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर आवासीय पट्टे के लिए सर्वे हेतु आभार व्यक्त किया है. उन्होने कोरबा क्षेत्र की विभिन्न शासकीय एवं औद्योगिक संस्थाओं की भूमि पर वर्षों से निवासरत लोगों को स्थायी पट्टा प्रदान किए जाने के लिए आवश्यक कार्रवाही करने का आग्रह किया है।
मंत्री देवांगन ने पत्र में बताया कि राजस्व, नजुल एवं आबादी जमीन पर काबिज लोगों के नाम सर्वे सूची में जोड़े जा रहें हैं, लेकिन
नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्र अंतर्गत सीएसईबी, एनटीपीसी, एसईसीएल, जल संसाधन, वन एवं बालको जैसी संस्थाओं के औद्योगिक क्षेत्रों की खाली पड़ी जमीन पर  पिछले 40 से 50 वर्षों से काबिज लोग  पट्टे के सर्वे सूची में शामिल नहीं हो पा रहें हैं। इन क्षेत्रों में शासन द्वारा बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन स्थायी पट्टा नहीं होने के कारण यहां रहने वाले लोग प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए ऐसी भूमि को शासन के पक्ष में हस्तांतरित कर वहां निवासरत लोगों को स्थायी पट्टा प्रदान किया जाना उचित होगा।
पत्र में मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि कोरबा विधानसभा क्षेत्र के नागरिक लगातार स्थायी पट्टा दिलाने की मांग करते रहे हैं। मंत्री देवांगन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्र अंतर्गत सीएसईबी, एनटीपीसी, एसईसीएल, जल संसाधन, वन एवं बालको की संबंधित भूमि को शासन के पक्ष में हस्तांतरित कराकर वहां निवासरत लोगों को स्थायी पट्टा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाही की जाए।