कैसी हो माताजी… राशन मिल रहा है न?”कलेक्टर के आत्मीयता भरे सवाल ने वृद्धा के चेहरे पर लाई मुस्कान‘‘

How are you, mother... are you getting your ration?" The collector's cordial question brought a smile to the old woman's face.

कोरबा 14 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में आयोजित ‘‘सुशासन तिहार‘‘ केवल फाइलों के निपटारे का माध्यम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच के प्रेम और विश्वास का संगम बनता जा रहा है। कोरबा ब्लॉक के सुदूर ग्राम केराकछार में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आसपास के गाँवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुँचे थे, जिनमें विशेष पिछड़ी जनजाति ‘‘पहाड़ी कोरवा‘‘ परिवार भी शामिल थे। अधिकारियों और जनसमूह के बीच सजे मंच की ऊँचाई तब बौनी साबित हुई, जब जिले के कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत मंच से उनकी नजर सामने कुर्सी पर बैठी 80 वर्ष की एक वृद्ध माँ पर पड़ी।

कलेक्टर बिना किसी औपचारिकता के उस बुजुर्ग महिला के करीब जा पहुँचे और बड़े ही स्नेह से पूछा. ‘कैसी हो माताजी? राशनकार्ड से चावल मिल रहा है न? महतारी वंदन योजना के पैसे खाते में आ रहे हैं?‘

जिले के कलेक्टर को अपने पास पाकर और इतनी आत्मीयता सुनकर बुजुर्ग महिला के चेहरे पर एक संतोष भरी मुस्कान खिल उठी। उन्होंने सहज भाव से उत्तर दिया ‘‘हाँ साहब, सब मिल रहा है।‘‘ कलेक्टर ने न केवल योजनाओं की जानकारी ली, बल्कि उनसे गाँव की समस्याओं और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ के बारे में भी घर के सदस्य की तरह चर्चा की।

संवेदनशीलता का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। भीड़ में अपनी अनोखी लकड़ी की छड़ी थामे कुर्सी पर बैठे एक अन्य बुजुर्ग को देखते ही कलेक्टर स्वयं उनसे मिलने बढ़े। उन्होंने बड़ी आत्मीयता से गाँव के हाल-चाल पूछे। कलेक्टर ने पहाड़ी कोरवा समुदाय के लोगों से भी मुलाकात कर उन्हें शासन की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया।

संवाद के दौरान जब कुछ महिलाओं ने महतारी वंदन योजना में नाम न जुड़ पाने की व्यथा सुनाई, तो कलेक्टर ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए कहा कि शासन जल्द ही पात्र और वंचित महिलाओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करेगा। सुशासन तिहार का यह दिन केराकछार के ग्रामीणों के लिए केवल एक सरकारी शिविर नहीं था, बल्कि एक ऐसी याद बन गया जहाँ उन्होंने महसूस किया कि सरकार उनकी दहलीज पर खड़ी है..सिर्फ कागजों के लिए नहीं, बल्कि उनकी मुस्कान के लिए।