रक्षाबंधन पर सजे स्वावलंबन के सपने
रायपुर, 28 अगस्त 2026/रक्षाबंधन केवल रेशमी धागों का त्योहार नहीं, बल्कि स्नेह, सम्मान और अटूट भरोसे का वह बंधन है जो जीवन में मिठास घोल देता है। नारायणपुर जिले के सुदूर ग्राम गीदमबेड़ा की रहने वाली मैनी पोटाई के लिए इस बार का रक्षाबंधन दोगुनी खुशियाँ और नई उम्मीदें लेकर आया। प्रदेश सरकार की ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत खाते में आई 1,000 रुपये की सहायता राशि ने उनके त्योहार के उल्लास को कई गुना बढ़ा दिया।
हर महीने मिलने वाली यह आर्थिक सहायता मैनी जैसी ग्रामीण महिलाओं के लिए जीवन की छोटी-बड़ी ज़रूरतों का संबल बन चुकी है। इस बार रक्षाबंधन के पावन अवसर पर जैसे ही सहायता राशि उनके खाते में पहुँची, उन्होंने बिना किसी पर निर्भर रहे अपने भाइयों के लिए स्नेह से भरी राखियाँ, मिठाइयाँ और उपहार खरीदे। खुशी से दमकते चेहरे के साथ मैनी कहती हैं, “विष्णु भैया ने रक्षाबंधन के मौके पर यह राशि देकर हम सभी बहनों के चेहरों पर सच्ची मुस्कान ला दी है। इस आत्मीय उपहार के लिए उनका कोटि-कोटि धन्यवाद।”
यह योजना केवल पर्व-त्योहारों तक सीमित नहीं है, बल्कि मैनी के परिवार की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को भी सहज बना रही है। बच्चों की पढ़ाई के लिए कॉपियाँ, पेन और किताबें खरीदने से लेकर घर की छोटी-मोटी ज़रूरतों को पूरा करने तक, हर जगह यह राशि उनके काम आ रही है।
महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके भीतर एक नया आत्मविश्वास जगाया है। गीदमबेड़ा की मैनी पोटाई की यह कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएँ सीधे जनता के जीवन को छूती हैं, तो सम्मान और स्वावलंबन का एक नया सवेरा होता है।
महतारी वंदन से मैनी के आँगन में बिखरी खुशियाँ
Happiness spread in Maini's courtyard due to the worship of his mother.







