शासन की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद भी OPS लागू नहीं, अब मुख्यमंत्री और कंपनी अध्यक्ष से करेगा अधिकार मंच सीधा संवाद

Despite the government's in-principle approval, OPS is not implemented; now Adhikar Manch will directly communicate with the Chief Minister and the company chairman.

48 सदस्यीय केंद्रीय समिति एवं 120 सदस्यीय क्षेत्रीय समितियों का गठन, 12 अधिकारी-कर्मचारी संगठनों ने तेज किया संयुक्त आंदोलन

रायपुर, 5 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी में शासन द्वारा पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने की सैद्धांतिक सहमति/आदेश दिए जाने के बावजूद कंपनी प्रबंधन द्वारा अब तक इसे लागू नहीं किए जाने पर विद्युत अधिकारी-कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली अधिकार मंच ने आंदोलन को और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है।

रविवार को आयोजित अधिकार मंच की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता अभियंता संघ के महासचिव इंजी. मनोज वर्मा ने की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी 12 अधिकारी-कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शीघ्र ही माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर संयुक्त ज्ञापन सौंपेंगे तथा कंपनी प्रबंधन को तत्काल पुरानी पेंशन लागू करने के निर्देश जारी करने का अनुरोध करेंगे।

बैठक के प्रमुख निर्णय

1. 48 सदस्यीय केंद्रीय समिति का गठन


पुरानी पेंशन बहाली के लिए संयुक्त कार्यक्रमों के संचालन हेतु 48 सदस्यीय केंद्रीय समिति का गठन किया गया। इसमें सभी 12 संगठनों के अध्यक्ष एवं महासचिव के साथ प्रत्येक संगठन से दो-दो एनपीएसधारी सदस्यों को शामिल किया गया है।

2. कंपनी अध्यक्ष से संयुक्त मुलाकात


मुख्यमंत्री से भेंट के पश्चात केंद्रीय समिति के सभी 48 सदस्य कंपनी अध्यक्ष श्री सुबोध सिंह से मिलकर शासन के आदेश के अनुरूप कंपनी में पुरानी पेंशन तत्काल लागू करने संबंधी आदेश जारी करने का आग्रह करेंगे।

3. सभी क्षेत्रों में 120 सदस्यीय क्षेत्रीय समितियां


कंपनी मुख्यालय सहित सभी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने के लिए प्रत्येक 12 संगठनों से संबंधित क्षेत्र के 10-10 सदस्यों को नामित किया जाएगा। इस प्रकार प्रत्येक क्षेत्र में 120 सदस्यीय समिति गठित कर संयुक्त बैठकें, आमसभाएं एवं कर्मचारी जागरूकता अभियान संचालित किए जाएंगे।

बैठक में इंजी. मनोज वर्मा, इंजी. श्रीकांत बड़गैंय्यां, डॉ. के. बी. बनसोडे, तेज प्रताप सिंहा, आर. सी. चेट्टी, अनिल द्विवेदी, इंजी. आर. एल. ध्रुव, एन. पी. मिश्रा, श्रीकांत सिंह ठाकुर, गोपाल कृष्ण राठी, जीतराम खूंटे, धर्मेंद्र देवांगन सहित सभी 12 संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।