कोरबा। कोरबा पुलिस द्वारा प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर शनिवार को कोरबा जिले में एक अनूठी और बेहद सराहनीय पहल देखने को मिली। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन में जिले के सभी थानों और चौकियों द्वारा विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर ‘साइबर पाठशाला‘ का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत सीएसपी कोरबा प्रतीक चतुर्वेदी स्वयं ‘साइबर शिक्षक’ की भूमिका में नजर आए और उन्होंने नागरिकों को साइबर सुरक्षा के गुर सिखाए।
अभियान के तृतीय सप्ताह के अंतर्गत वर्तमान में वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रूप से निशाना बना रहे “डिजिटल अरेस्ट“ और “फर्जी कॉल“ जैसे गंभीर विषयों पर टाउनहॉल और चौपालों के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लखन पटले एवं श्री नितीश ठाकुर के सीधे निर्देशन में थाना कोतवाली, सीएसईबी, बाकी मोगरा, दीपका, सिविल लाइन, पाली, बांगो, उरगा, करतला और पसान पुलिस की टीमों ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर लोगों को जागरूक किया।

इन प्रमुख स्थानों पर सजी पाठशालाएं:
जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में आम जनता तक पहुंच बनाने के लिए पुलिस ने सघन अभियान चलाया। थाना बाकी मोगरा की टीम ने एसबीआई बैंक, शासकीय उचित मूल्य दुकान और सर्वमंगला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुरकछार में पाठशाला लगाई। वहीं, पाली पुलिस ने स्वामी आत्मानंद विद्यालय व एकलव्य आवासीय परिसर, सीएसईबी चौकी ने नया बस स्टैंड, सिविल लाइन पुलिस ने जिला अस्पताल, कोतवाली पुलिस ने पाल्म मॉल व गुरुनानक पब्लिक स्कूल और उरगा पुलिस ने स्वर्गीय श्याम लाल कंवर कॉलेज में नागरिकों को डिजिटल ठगी के प्रति सचेत किया।
सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की समझाइश:
‘साइबर पाठशाला’ के दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को कड़े शब्दों में समझाइश दी कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना OTP, UPI PIN, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर आने वाले अनजान लिंक, फर्जी लॉटरी या जॉब के कॉल, संदिग्ध APK फाइल और फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहने को कहा गया। पुलिस ने साफ किया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई कानूनी व्यवस्था नहीं है, यह महज ठगों का डराने का एक तरीका है।

कोरबा पुलिस की अपील: घबराएं नहीं, 1930 पर करें कॉल
कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो बिल्कुल भी न घबराएं। ऐसी स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें। पुलिस का कहना है कि घटना के तुरंत बाद (गोल्डन ऑवर में) की गई शिकायत से ठगी गई राशि को वापस होल्ड कराने में मदद मिलती है। पुलिस ने सभी से ‘जागरूकता की एक सेल्फी’ लेकर इस अभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया है।







