औसत लागत से सस्ती दर पर मिलेगी उपभोक्ताओं को बिजली

Consumers will get electricity at a rate cheaper than the average cost

41 लाख घरेलू उपभोक्ताओं पर बिजली दर संशोधन का सीमित प्रभाव

बिजली की औसत लागत 7.13 रुपए, उपभोक्ताओं को लगेगा न्यूनतम 4.40 प्रति यूनिट का ऊर्जा प्रभार

रायपुर, 16 जून 2026। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग व्दारा जारी नए टैरिफ संशोधन का प्रदेश के 51 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 41 लाख उपभोक्ताओं पर आंशिक ही पड़ेगा। उन पर विद्युत दर संशोधन का प्रभाव शून्य से 3.65 प्रतिशत तक सीमित रहेगा। साथ ही किसानों पर इस वृद्धि का कोई भार नहीं पड़ेगा, क्योंकि इसका वहन राज्य शासन व्दारा किया जाता है। नये टैरिफ में औसत विद्युत आपूर्ति दर 7.13 रूपये प्रति यूनिट स्वीकृत की गई है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार न्यूनतम स्लैब 4.40 रूपये प्रति यूनिट की दर से आपूर्ति की जावेगी।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने बताया कि विद्युत दरों का निर्धारण यह छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा किया जाता है, जो कि एक स्वतंत्र नियामक संस्था है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष की तुलना में नये टैरिफ में समेकित रूप से 6.23 प्रतिशत की नाममात्र वृध्दि की गई है, यह 42 पैसे प्रति यूनिट के समतुल्य है। घरेलू उपभोक्ताओं के विद्युत दरों में 30 पैसे प्रति यूनिट से 50 पैसे प्रति यूनिट की वृध्दि की गई है, तथापि इसका असर उपभोक्ताओं पर पूर्ण रूप से नहीं पड़ेगा, क्योंकि मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के अंतर्गत प्रतिपूर्ति शासन द्वारा की जाती है। आंकड़ो के अनुसार, प्रदेश के लगभग 51 लाख घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं में से 14.5 लाख बीपीएल उपभोक्ताओं को 30 यूनिट तक शासन द्वारा निःशुल्क विद्युत उपलब्ध कराई जा रही है अर्थात् यह राशि शासन द्वारा वहन की जाती है। इसके अतिरिक्त 26.5 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनकी खपत 400 यूनिट तक है, उन्हें मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के अंतर्गत 200 यूनिट की खपत तक 50 प्रतिशत छूट मिलती रहेगी। अतः प्रदेश के अधिकांशतः घरेलू उपभोक्ताओं पर विद्युत के दरों में वृद्धि शून्य से 3.65 प्रतिशत के बीच होगी।

श्री कंवर ने बताया कि उपभोक्ताओं को अपने बिजली बिल में कमी लाने का अवसर प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापना पर केंद्र एवं राज्य स्तर पर सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं की ग्रिड बिजली पर निर्भरता कम करना तथा ऊर्जा व्यय में बचत सुनिश्चित करना है।