132/33 केवी उपकेंद्र सांकरा की क्षमता बढ़ी, ओवरलोड और लो वोल्टेज की समस्या से मिलेगी राहत

Capacity of 132/33 kV substation Sankara increased, providing relief from overload and low voltage problems

40 एमवीए के अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर का सफल ऊर्जीकरण

लगभग 200 गांवों को मिलेगी बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति

    रायपुर 03 अगस्त 2026। प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा पारेषण नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में महासमुंद जिले के 132/33 केवी उपकेंद्र सांकरा में स्थापित 40 एमवीए क्षमता के अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर का सफल ऊर्जीकरण सोमवार को प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर उपकेंद्र की रिक्त भूमि में पौधारोपण भी किया गया।

    उपकेंद्र में पहले से 40 एमवीए एवं 63 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर स्थापित हैं। नए 40 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकरण के साथ उपकेंद्र की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 143 एमवीए हो गई है। यह कार्य मात्र एक माह 15 दिन में पूर्ण किया गया।

    प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह के मार्गदर्शन में प्रदेश के पारेषण नेटवर्क को योजनाबद्ध ढंग से सुदृढ़ किया जा रहा है। आदिवासी, वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी विद्युत अधोसंरचना के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सांकरा उपकेंद्र में अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकरण से क्षेत्र के उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

    उपकेंद्र में गत वर्ष पीक लोड सीजन के दौरान लगभग 96 एमवीए तक लोड दर्ज किया गया था, जिससे ओवरलोड एवं लो वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो रही थी। अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर के चालू होने से इन समस्याओं से राहत मिलेगी तथा लगभग 200 गांवों में बेहतर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होगी। यह क्षेत्र कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों के साथ अन्य औद्योगिक गतिविधियों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

    सांकरा उपकेंद्र को 132 केवी सरायपाली तथा 132 केवी झलप पारेषण लाइनों से विद्युत आपूर्ति प्राप्त होती है तथा यहां से 33 केवी के 9 फीडरों के माध्यम से क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की जाती है। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 4 करोड़ रुपये है।

    इस अवसर पर मुख्य अभियंता श्री अब्राहम वर्गीश, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री आर.के. तिवारी, अधीक्षण अभियंता श्री विक्रम मंधान, कार्यपालन अभियंता श्री प्रशांत साहू, श्री विंध्याचल गुप्ता, श्री प्रदीप साहू, श्री गौरव रघुवंशी, सहायक अभियंता श्री राजेंद्र चौहान, सुश्री लता जगत, श्री नारायण प्रसाद लोधी, श्री अंकुर तथा श्री दीपक सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।