बिलासपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नियमों का पालन करते हुए बिलासपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी विनिष्टीकरण कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल समिति के अध्यक्ष, पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (DIG/SSP) श्री रजनेश सिंह के सीधे निर्देशन में एनडीपीएस एक्ट के 61 विभिन्न प्रकरणों में जब्त भारी मात्रा में मादक पदार्थों को विधिवत नष्ट कर दिया गया।
यह पूरी कार्रवाई मोहतराई (थाना कोनी/रतनपुर) स्थित सुधा बायो पावर प्राइवेट लिमिटेड की भट्ठी (Furnace) में आग के हवाले कर और रोलर चलाकर पारदर्शिता के साथ संपन्न की गई।

इन मादक पदार्थों को किया गया जमींदोज:
समिति के समक्ष कुल 61 मामलों से जुड़ी नशीली सामग्रियों को रिकॉर्ड मिलान के बाद नष्ट किया गया। इसमें मुख्य रूप से 302.642 किलोग्राम गांजा, 1,989 नग प्रतिबंधित सिरप, 9,641 नग नशीले इंजेक्शन/एंपुल, 11,610 नग नशीली टेबलेट, 248 नग कैप्सूल के साथ-साथ 9.38 ग्राम चरस और 2.9 ग्राम ब्राउन शुगर शामिल है। इस कार्रवाई से इन प्रतिबंधित दवाओं के बाजार में दोबारा पहुंचने या दुरुपयोग होने की संभावना पूरी तरह समाप्त हो गई है।
मौके पर मौजूद रहे आला अफसर:
नष्टीकरण की इस विधिक प्रक्रिया के दौरान उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष श्री रजनेश सिंह के अलावा समिति सदस्य श्री पंकज कुमार पटेल (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, शहर), श्री नवनीत तिवारी (सहायक आबकारी आयुक्त), क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी और अधिकृत पंचान विशेष रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों की कड़ी निगरानी में प्रदूषण नियंत्रण के मानकों को ध्यान में रखते हुए फैक्टरी की भट्ठी में विनिष्टीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई।

नशे के खिलाफ जारी रहेगी जंग:
इस मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा कि बिलासपुर जिला पुलिस मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और नशे की कड़ियों को तोड़ने के लिए लगातार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। अपराधियों को पकड़ने के साथ-साथ जब्त माल का नियमानुसार निराकरण करना भी न्याय प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। जिले में नशे के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।








