बिलासपुर/छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन द्वारा ओल्ड पेंशन स्कीम, संविदाकर्मियों के नियमितीकरण, ठेका प्रथा समाप्ति, प्रीमियम रहित कैशलेस चिकित्सा सुविधा, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती, 1 अप्रैल 2026 से देय वेज रिवीजन हेतु कमेटी के गठन, समयाधीन पदोन्नति तथा विद्युत कंपनी में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों के लिए करियर प्रोग्रेशन योजना लागू करने की मांग हेतु चलाये जा रहे राज्यव्यापी अभियान के अंतर्गत 10 जून 2026 को ढोल नगाड़ा बजाते हुए कार्यपालक निदेशक (डिस्ट्रीब्यूशन) श्री ए के अम्बष्ठ एवं कार्यपालक निदेशक (ट्रांसमिशन) श्रीमती कल्पना घाटे को विद्युत कम्पनी के चेयरमैन श्री सुबोध कुमार सिंह (आईएएस) के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

अभियान के तहत जनता यूनियन के सैकड़ों कार्यकर्ता प्रांताध्यक्ष अनिल द्विवेदी के नेतृत्व में, केंद्रीय पर्यवेक्षक यतीन्द्र गुप्ता, मुख्य अतिथि ए जे सिंह, विशिष्ट अतिथि महेश श्रीवास, एस ए सईद यू एस वर्मा (रायगढ़), डी एस ठाकुर, एस एल राठौर, एच पी एक्का, महेंद्र चौहान, नरेन्द्र सिंह ठाकुर तथा प्रांतीय उपाध्यक्ष सम्मेलाल श्रीवास, क्षेत्रीय अध्यक्ष वेदराम निर्मलकर, पूर्व अध्यक्ष सुरेश खेड़कर के साथ पैदल चलकर नारेबाजी करते, ढोल नगाड़ा बजाते हुए ईडी के कार्यालय पहुंचे और दोनों कार्यपालक निदेशकों को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संयुक्त प्रांतीय प्रचार सचिव ओमप्रकाश सूर्यवंशी, संयुक्त सचिव अभिषेक चतुर्वेदी, प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य कृतलाल साहू, पीताम्बर चौहान, रामलाल सूर्यवंशी, लीलेश्वरी वैष्णव, प्रतिभा रजक, कोरबा सर्किल अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद यादव, सदस्य डोरीलाल यादव, प्रमोद शर्मा, भी उपस्थित रहे।
आपको बता दें कि जनता यूनियन द्वारा मई 2026 में उक्त मांगों को लेकर प्रथम चरण में प्रदेशव्यापी “जनप्रतिनिधि संपर्क अभियान” के तहत छत्तीसगढ़ शासन के 65 विधायक, मंत्री एवं सांसदों से सीधे मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा जा चुका है। विद्युत कर्मचारियों के अधिकार, पदोन्नति, समुचित वेतमान, अन्य हितलाभ के लिए अभियान के द्वितीय चरण में “ढोल बजाओ, प्रबंधन जगाओ” अभियान के तहत ढोल नगाड़ा बजाते हुए क्षेत्रीय कार्यपालक निदेशकों एवं मुख्य अभियंताओं को प्रदेश भर में ज्ञापन सौंपने का क्रम जारी है।
आज तिफरा बिलासपुर में ट्रांसमिशन और वितरण शाखा के सैकड़ों कर्मचारी जनता यूनियन के बिलासपुर क्षेत्रीय कार्यालय से रैली की शक्ल में ढोल बजाते, नारा लगाते हुए पैदल ही दोनों ईडी के कार्यालय पहुंचे और गेट पर आयोजित आमसभा को संगठन के प्रांतीय एवं क्षेत्रीय वक्ताओं ने सबोधित किया।
आमसभा को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए प्रांताध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने कर्मचारियों के ओपीएस, संविदा नियमितीकरण, ठेकाप्रथा समाप्ति और अनेक विषयों पर संगठन के ऊपर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए प्रबंधन को जमकर कोसा। उन्होंने प्रबंधन को सचेत करते हुए कहा कि अब सब्र और संयम का बांध टूट रहा है प्रबंधन के रवैये से प्रत्येक कर्मचारी आक्रोशित है। अगर मांग नहीं मानी गयी और उचित न्याय और अधिकार नहीं मिला तो यह आक्रोश आंदोलन का रूप ले लेगा।

मुख्य अतिथि श्री ए जे सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा प्रबंधन बात नहीं सुन रही, इसलिए “ढोल बजाना, प्रबंधन जगाना” जरूरी हो गया है। उन्होंने 6000 से अधिक पद रिक्त होने की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए इन पदों पर नियमित भर्ती न होने से अनवरत विद्युत आपूर्ति एवं विभिन्न विद्युतीय कार्यों में आने वाली बाधा से आगाह कराया।
विशिष्ट महेश श्रीवास ने कहा ढोल बजाना तो मात्र एक प्रतीक है, दरअसल प्रबंधन के रवैये से कर्मचारी खुद इतना पीड़ित और शोषित महसूस कर रहा है कि उसे विरोध में ऐसे अनोखे तरीके अपनाना पड़ रहा है। मांगों के सम्बंध में प्रबंधन को मानवीय दृष्टिकोण से सोचना होगा।
इस क्रम में एस ए सईद ने कर्मचारियों की विशाल उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा अम्बिकापुर से बजना शुरू हुआ ढोल आज बिलासपुर में बज रहा है, जो बस्तर तक बजेगा। जब तक प्रबंधन जागेगा नहीं, जनता यूनियन शांत नहीं बैठेगी। प्रबंधन को बात माननी ही होगी। सभा को यतीन्द्र गुप्ता, ओमप्रकाश सूर्यवंशी, वेदराम निर्मलकर, सम्मेलाल श्रीवास, के के यादव ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में कोरबा, अम्बिकापुर एवं रायगढ़ के नियमित, संविदा एवं ठेका श्रमिकों ने भाग लिया, जिनमें एस के साव, डोरी लाल यादव, बी प्रकाश कुर्रे, प्रकाश शर्मा, भवानीशंकर साहू, मनीष पटेल, जयशंकर पांडेय, विकास राज, धर्मिन ठाकुर, रेशमा कश्यप, अंजुलता सिंह, अफसाना साह, प्रीति प्रधान, स्वाति राजगीर, पूर्णिमा रजक, योगेश चौहान, सोमेश राठौर, प्रदीप साहू, रोशन दिनकर, उग्रपाल जगत, विशेष विश्वकर्मा, मदन सिहानी, ललिता धिरहि, कलीराम रामपुरी, पूनम दीदी, राजेश साहू, संकल्प पांडेय, गोवर्धन कांछि, रूपेश मेश्राम आदि एवं अन्य कर्मचारी साथी शामिल हुए।








