छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2026 में बालको के प्रदर्शनी पैवेलियन को मिला पुरस्कार

BALCO's exhibition pavilion received an award at Chhattisgarh Rajyotsav-2026

पैवेलियन में औद्योगिक संचालन में महिला नेतृत्व, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक विकास की झलक_

*बालकोनगर, 6 नवंबर 2026।* भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) को छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2026 में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के उपक्रम श्रेणी के अंतर्गत अपने प्रदर्शनी पैवेलियन के लिए तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने यह पुरस्कार बालको की संवाद प्रमुख सुश्री शुभ्रा आर. तथा जनसंपर्क अधिकारी श्री विजय बाजपेयी को प्रदान किया। यह सम्मान बालको की औद्योगिक क्षमताओं, महिला नेतृत्व वाले संचालन, तकनीकी नवाचारों और सामुदायिक विकास पहलों की प्रभावशाली प्रस्तुति के लिए दिया गया। छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया।

बालको के पैवेलियन की परिकल्पना ‘महिला शक्ति से विकसित भारत की नई उड़ान’ थीम पर आधारित थी, जिसमें भारत की औद्योगिक और सामाजिक-आर्थिक प्रगति को आकार देने में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया गया। राज्योत्सव-2026 की व्यापक थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ के अनुरूप प्रदर्शनी में औद्योगिक संचालन, तकनीक और सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को प्रमुखता दी गई। इसमें बालको के उन प्रयासों को दर्शाया गया, जिनके माध्यम से महिलाओं को एक प्रगतिशील और भविष्य के लिए तैयार औद्योगिक परिवेश में योगदान देने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। यह विकसित भारत की यात्रा में महिलाओं की सशक्त भूमिका को भी प्रतिबिंबित करता है।

प्रदर्शनी में बालको की विनिर्माण क्षमताओं और भारत के एल्युमिनियम उद्योग को सशक्त बनाने में कंपनी के योगदान को भी प्रस्तुत किया गया। पैवेलियन का प्रमुख आकर्षण भारत के पहले और सबसे बड़े 525 किलो-एम्पीयर एल्युमिनियम स्मेल्टर की प्रस्तुति रही, जो तकनीकी नवाचार, उत्पादन उत्कृष्टता और भविष्य के लिए तैयार विनिर्माण क्षमताओं के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आगंतुकों को एल्युमिनियम की संपूर्ण उत्पादन प्रक्रिया और मूल्य श्रृंखला के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के विकास, राष्ट्र निर्माण और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण में इस धातु के महत्व की जानकारी भी दी गई।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश सिंह ने कहा, “छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में प्राप्त यह सम्मान बालको टीम के सामूहिक प्रयासों और उत्कृष्टता के प्रति हमारी निरंतर प्रतिबद्धता का प्रमाण है। अपने पैवेलियन के माध्यम से हमने प्रदर्शित किया है कि औद्योगिक प्रगति और सामाजिक विकास एक-दूसरे के पूरक हैं, जिनमें महिलाएं तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रौद्योगिकी और नवाचार के माध्यम से अपनी विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करते हुए हम अवसरों के सृजन, समुदाय के सशक्तिकरण और छत्तीसगढ़ के विकास के साथ-साथ राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

सामुदायिक विकास को आगे बढ़ाने में बालको की भूमिका को रेखांकित करते हुए, बालको के हेड कॉरपोरेट अफेयर्स एवं एडमिनिस्ट्रेशन कैप्टन धनंजय मिश्रा ने कहा, “सतत प्रगति लोगों को सशक्त बनाने और समुदाय को मजबूत करने से संभव होती है। कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, सतत कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रयासों के माध्यम से हम ऐसे अवसरों का सृजन कर रहे हैं, जो दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित करने और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक हैं।”

औद्योगिक उपलब्धियों के साथ बालको ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवा कौशल विकास और आजीविका संवर्धन के क्षेत्रों में अपनी सामुदायिक विकास पहलों को भी प्रदर्शित किया। इन प्रयासों के माध्यम से कंपनी ने 128 गांवों में सकारात्मक बदलाव लाने और 1.8 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बनाने में योगदान दिया है।

तीन दिवसीय राज्योत्सव के दौरान बालको के पैवेलियन में प्रदेशभर से आए नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और शासन के अधिकारियों ने अवलोकन किया। यह सम्मान औद्योगिक उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने के साथ-साथ समावेशी और सतत विकास में योगदान देने तथा विकसित भारत की यात्रा को सशक्त बनाने के प्रति बालको की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।