जमीन-मकान का सौदा कर हड़पे ₹7 लाख, संपत्ति दूसरे को बेची।
चेक बाउंस (धारा 138 NI Act) के 3 मामलों में 2 साल से फरार था आरोपी।
- उत्तर प्रदेश से लौटते समय रजगामार पुलिस ने बस स्टैंड पर घेराबंदी कर दबोचा।
- कोर्ट ने आरोपी हनुमान प्रसाद यादव को 16 अक्टूबर तक जेल भेजा।
कोरबा /चौकी रजगामार (थाना बालकोनगर) पुलिस ने मकान, जमीन और मलबा बेचने का झांसा देकर ₹7 लाख की धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी हनुमान प्रसाद यादव (38 वर्ष) को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से चेक बाउंस के तीन स्थायी वारंट भी लंबे समय से पेंडिंग थे। पुलिस ने आरोपी को उत्तर प्रदेश से लौटते समय रतनपुर बस स्टैंड पर घेराबंदी करके दबोचा।
जमीन का सौदा कर मुकर गया आरोपी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रजगामार निवासी पीड़ित सिकंदर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी हनुमान प्रसाद यादव और उसकी पत्नी अनीता यादव ने 22 नवंबर 2023 को मकान, जमीन एवं मलबे की बिक्री का इकरारनामा किया था। इसके एवज में आरोपियों ने सिकंदर से ₹7 लाख रुपये नकद ले लिए। रकम हड़पने के बाद आरोपियों ने न तो पीड़ित के पक्ष में रजिस्ट्री कराई और न ही मलबा दिया। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने उसी जमीन का सौदा किसी अन्य व्यक्ति से कर उसे बेच दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 80/2026, धारा 420, 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
बस से उतरते ही पुलिस ने दबोचा
केस दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा था। 1 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी उत्तर प्रदेश से वापस लौट रहा है। सूचना मिलते ही रजगामार चौकी प्रभारी उप निरीक्षक विनोद सिंह, प्रधान आरक्षक विनोद सिंह और प्रधान आरक्षक केरोबीन की टीम ने तत्काल रतनपुर बस स्टैंड पर नाकेबंदी की। जैसे ही आरोपी बस से उतरा, पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
दो साल से पेंडिंग थे कोर्ट के 3 वारंट
पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी हनुमान प्रसाद यादव आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ वर्ष 2022 और 2024 में चेक बाउंस (परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138) के तीन अलग-अलग मामलों में न्यायालय द्वारा स्थायी वारंट जारी किए गए थे, जिनमें वह फरार चल रहा था। पुलिस ने इन वारंटों की भी तामीली कर दी है। आरोपी को 2 अक्टूबर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से माननीय कोर्ट ने उसे 16 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। कोरबा पुलिस द्वारा फरार वारंटियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।







