जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में साइबर अपराध एवं डिजिटल अरेस्ट के बचाव हेतु अधिकार मित्र प्रशिक्षित

Adhikar Mitra trained in District Legal Services Authority for protection against cyber crime and digital arrest

कोरबा 12 अक्टूबर 2026/
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के तत्वाधान, छ0ग0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशन एवं प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष श्रीमती नीता यादव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के निर्देशन में साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट एवं साइबर सुरक्षा के संबंध में पैरालीगल वॉलेंटियर्स (पीएलवी) हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस विभाग के साइबर सेल के साइबर एक्पर्ट श्री विकेश्वर प्रताप सिंह एवं श्री रवि कुमार चौबे द्वारा उपस्थित पैरा लीगल वॉलंटियर्स को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर की जाने वाली धोखाधड़ी तथा ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, फर्जी कॉल, मैसेज एवं वीडियो कॉल के माध्यम से आम नागरिकों को अपना शिकार बना रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को पुलिस अधिकारी या अन्य शासकीय अधिकारी बनकर डराया जाता है तथा उनसे धनराशि की मांग की जाती है। ऐसी स्थिति में  घबराने के बजाय सतर्कता बरतने एवं किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक विवरण, ओटीपी अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई। साथ ही, पैरालीगल वॉलंेटियर्स को साइबर अपराध की रोकथाम, सुरक्षित डिजिटल लेन-देन, साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने तथा आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के संबंध में प्रशिक्षित किया गया। साइबर अपराध से संबंधित शिकायत हेतु हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं मोबाईल गुम हो जाने पर  CEIR     का इस्तेमाल करना, व्हाटश्प में 2 स्टेप वेरीफिकेशन एवं आधिकारिक वेबसाईट  Stopncii.org  निजी फोटो और वीडियो को इंटरनेट पर फेलने से रोकने से संबंधित जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य पैरा लीगल वॉलंेटियर्स के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, डिजिटल अरेस्ट जैसी धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी देना तथा साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्कता बढ़ाना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई कि वे साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें तथा किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तत्काल संबंधित माध्यमों से शिकायत दर्ज कराएं। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रबंध कार्यालय एवं लीगल एड क्लीनिक में नियुक्त पैरालीगल वॉलेण्टियर्स प्रशिक्षण प्राप्त किये।