अभाविप कोरिया द्वारा युवती सम्मेलन का आयोजन  ‘पंच परिवर्तन’ के माध्यम से सामाजिक परिवेश मे युवतियों की भूमिका का दिया संदेश

ABVP Korea organized a youth conference and gave the message of the role of girls in the social environment through 'Panch Parivartan'.

नगर मंत्री आयुषी साहू ने कहा- नारी अबला नहीं सबला है

बैकुंठपुर कोरिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित युक्ति सम्मेलन में ‘पंच परिवर्तन’ विषय को केंद्र में रखते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति युवाओं की भूमिका पर सार्थक विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन में सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, ‘स्व’ आधारित जीवनशैली एवं स्वदेशी तथा नागरिक कर्तव्य को समाज में सकारात्मक परिवर्तन के पांच प्रमुख आधार के रूप में प्रस्तुत किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि पंच परिवर्तन केवल चर्चा या भाषण का विषय नहीं, बल्कि दैनिक जीवन में अपनाने वाली जीवन-पद्धति है। व्यक्ति के आचरण में सकारात्मक बदलाव से परिवार, परिवार से समाज और समाज से राष्ट्र के निर्माण की यात्रा आगे बढ़ती है। इसी भावना के साथ उपस्थित युवाओं को अपने जीवन में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव प्रारंभ करने का आह्वान किया गया।

सामाजिक समरसता के अंतर्गत जाति, भाषा, क्षेत्र और अन्य सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर बंधुत्व एवं समानता की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया। ‘एक मंदिर, एक जलस्रोत, एक श्मशान’ की भावना के माध्यम से सामाजिक एकता और समान व्यवहार का संदेश दिया गया। श्रीराम और शबरी तथा निषादराज के प्रसंगों के माध्यम से समरसता को व्यवहार में उतारने की प्रेरणा दी गई।

कुटुंब प्रबोधन के अंतर्गत परिवार को संस्कारों और राष्ट्र निर्माण की पहली पाठशाला बताया गया। सप्ताह में कम से कम एक बार परिवार के साथ बैठकर भोजन करने, आपसी संवाद बढ़ाने तथा महापुरुषों के जीवन एवं विचारों पर चर्चा करने का आह्वान किया गया। बच्चों में संस्कार, नैतिक मूल्यों, बड़ों के सम्मान और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करने में परिवार की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।

इसी क्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की बैकुंठपुर नगर मंत्री आयुषी साहू ने कहा कि “नारी अबला नहीं, सबला है।” उन्होंने कहा कि नारी परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। महिलाओं को अपनी क्षमता और प्रतिभा पर विश्वास रखते हुए आत्मनिर्भर बनकर समाज के विकास में सक्रिय योगदान देना चाहिए।

पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत जल बचाने, वृक्षारोपण करने और सिंगल यूज प्लास्टिक से दूरी बनाने जैसे व्यावहारिक उपायों को अपनाने की अपील की गई। प्रत्येक घर में कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेने तथा प्रकृति को केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न हिस्सा मानकर उसके संरक्षण का संदेश दिया गया।

वहीं ‘स्व’ आधारित जीवनशैली एवं स्वदेशी के अंतर्गत स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने, स्थानीय रोजगार एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने तथा भारतीय भाषा, संस्कृति और ज्ञान परंपरा के प्रति गौरव की भावना विकसित करने पर बल दिया गया। नागरिक कर्तव्य के अंतर्गत यातायात नियमों का पालन, स्वच्छता, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा, कानून का सम्मान और अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।

सम्मेलन में युवाओं से आत्मचिंतन करते हुए “मैं क्या कर सकता/सकती हूँ?” का प्रश्न स्वयं से पूछने और पंच परिवर्तन के किसी एक आयाम से तत्काल शुरुआत करने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कोरिया जिला के सह जिला संघचालक नरेश सोनी, अभाविप जिला संगठन मंत्री अशोक यादव, जिला संयोजक बलबीर पुषाम, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संगीता सिंह, बैकुंठपुर नगर मंत्री आयुषी साहू, नगर सह मंत्री आकांक्षा सिंह, नगर कार्यकर्ता माही पंकज, नगर विद्यालय प्रमुख अमृता सिंह, कार्यकर्ता अलका सिंह, नगर सह मंत्री सिद्धार्थ साहू, सुयश यादव, रिया गुप्ता, नैना, अंकिता सिंह, आफरीन, रूपाली पड़वार, खुशी रजवाड़े, अनिल साहू, धर्मेंद्र यादव एवं विवेक पटेल सहित अन्य कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

सम्मेलन के अंत में पंच परिवर्तन को केवल विचार तक सीमित न रखते हुए उसे दैनिक आचरण का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन से परिवार, परिवार से समाज और समाज से राष्ट्र में व्यापक बदलाव की नींव रखी जा सकती है।