कोरबा, 30 सितंबर 2026/थाना कोतवाली कोरबा पुलिस द्वारा फरार अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान में बुधवार को दो बड़ी सफलताएं हाथ लगी हैं। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक तरफ जहाँ पांच साल पुराने गंभीर मामले में फरार चल रहे स्थायी वारंटी को घेराबंदी कर दबोचा, वहीं दूसरी ओर शराब के लिए पैसे नहीं देने पर जानलेवा मारपीट करने वाले एक अन्य फरार आरोपी को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
अपहरण व बलवा मामले का वारंटी था फरार
मिली जानकारी के अनुसार, धनुहारपारा (माझी मोहल्ला) निवासी आलोक सागर उर्फ सोना (पिता राजेश सागर) के खिलाफ वर्ष 2020 में थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 137/20 दर्ज हुआ था। आरोपी के विरुद्ध बलवा (धारा 147), जबरन घर में घुसने (धारा 455), अपहरण (धारा 364), मारपीट व गाली-गलौज सहित एससी/एसटी एक्ट के तहत गंभीर अपराध दर्ज हैं। पूर्व में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय में पेश किया था, लेकिन कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी जमानत का दुरुपयोग कर अपनी सकूनत (घर) से फरार हो गया था। इसके बाद माननीय न्यायालय द्वारा उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया गया था। बुधवार को मुखबिर की सटीक सूचना पर कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पैसा नहीं देने पर की थी मारपीट, दूसरा आरोपी भी बंद
इसी तरह कोतवाली पुलिस ने मारपीट के एक अन्य मामले (अपराध क्रमांक 759/26) में फरार आरोपी समीर कुरैशी उर्फ माया (28 वर्ष, निवासी सीतामणी, चंडिका मंदिर के पास) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज था। आरोपी समीर ने अपने साथी गौतम उर्फ काड़े के साथ मिलकर पीड़ित से शराब पीने के लिए पैसों की मांग की थी। पैसे देने से इनकार करने पर दोनों ने पीड़ित के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। इस मामले में सह-आरोपी गौतम को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है, वहीं फरार समीर कुरैशी को बुधवार को गिरफ्तार कर रिमांड पर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस की आम जनता से अपील
कोतवाली पुलिस ने क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस अभियान को आगे भी जारी रखने की बात कही है। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके पास किसी भी फरार आरोपी या स्थायी वारंटी के संबंध में कोई जानकारी हो, तो वे तत्काल पुलिस को सूचित कर एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाएं। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।







