पंडरीपानी में एचटीपीएस ने लगाया निःशुल्क स्वास्थ्य जागरुकता शिविर, ग्रामीणों को बांटी दवाइयां

HTPS organised a free health awareness camp in Pandripani, distributed medicines to the villagers.

कोरबा 20 अगस्त 2026-हसदेव ताप विद्युत संयंत्र (एचटीपीएस) कोरबा पश्चिम की ओर से ग्राम पंचायत पंडरीपानी एवं आश्रित ग्राम बिरवट, बंचर और जटानपुर के हित में बुधवार को स्वास्थ्य शिविर एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन अतिरिक्त मुख्य अभियंता एमके. गुप्ता के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्रामवासी स्वास्थ्य शिविरों में उपस्थित विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच कराकर ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं। विशिष्ट अतिथि के तौर पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल-परियोजना)  एससी. पाठक उपस्थित रहे।

मुख्य अभियंता  एचके. सिंह के मार्गदर्शन में हसदेव ताप विद्युत संयंत्र (एचटीपीएस) प्रबंधन समीपस्थ गांवों में निरंतर स्वास्थ्य शिविर एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन कर रहा है। यह कार्यक्रम श्रृंखला छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर जनरेशन कंपनी की नई परियोजना 2×660 मेगावाट संयंत्र की निगमित पर्यावरणीय उत्तरदायित्व ( CER-Corporate Environmental Responsibility ) के हिस्से हैं। जनरेशन कंपनी, विद्युत संयंत्र के समीपस्थ 11 गांवों में सीईआर के जनहितैषी कार्यों को पूरा कर रही है। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में चार ग्राम स्याहीमुड़ी, डिंडोलभाठा, चुईया और नवागांव-कला में स्वास्थ्य शिविर एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा चुका है।

शिविर में स्वर्गीय बिसाहूदास महंत स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कोरबा के छाती रोग विशेषज्ञ डाॅ. शशिकांत भास्कर ने ग्रामीणों को आगाह करते हुए कहा कि ठंड व बरसात में मौसमी बीमारियां ज्यादा फैलती हैं। मानसून में अभी त्योहार का सीजनn है। लोग एक-दूसरे से मिलते-जुलते हैं। इससे वायरल इंफेक्शन की आशंका ज्यादा रहती है। अभी वायरल निमोनिया व बैक्टिरियाजनित निमोनिया के मरीज अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। मौसमी बीमारियां पानी व हवा से फैलती हैं। उल्टी-दस्त, टाइफाइड  एवं पानी में पनपने वाले मच्छरों से मलेरिया, डेंगू आदि बीमारियों की आशंका रहती है। उल्टी-दस्त से बचने के लिए पानी को उबाल कर पीयें और टाइफाइड, मलेरिया, डेंगू से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग कर सकते हैं। वायरल इंफेक्शन सांसों से फैलता है। किसी को सर्दी-जुकाम है तो परिवार एवं निकस्थजन कोविड प्रोटोकाॅल की भांति छह फीट की दूरी रखते हुए वायरल इंफेक्शन को रोकने में मदद कर सकते हैं। छींकते समय रूमाल का उपयोग करें या हाथों को शील्ड बनाएं। समय-समय पर हैंडवाश करते रहे हैं। इससे काफी हद तक वायरल इंफेक्शन के प्रसार को रोका जा सकता है।

शिविर में स्वर्गीय बिसाहूदास महंत स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कोरबा की स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. भारती पटेल ने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि महिलाओं को  अक्सर खून की कमी की शिकायत रहती है। इसके लिए सरकार एनिमिया मुक्त भारत अभियान चला रही है। बच्चों को उम्र के आधार समय-समय पर आयरन की दवाइयां दी जानी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को डाॅक्टर की सलाह के अनुसार फाॅलिक एसिड व आयरन की दवा लेनी चाहिए। इसके अलावा महिलाओं को माहवारी के दौरान शारीरिक साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। यदि कोई महिला सेनेटरी पैड के बजाय कपड़े का उपयोग करती हैं तो उसे साफ-सुथरा कपड़ा उपयोग में लाना चाहिए। साथ ही उसकी धुलाई के बाद उसे पांच से छह घंटे तक धूप में सुखाने के बाद ही दोबारा इस्तेमाल करना चाहिए।

शिविर में एचटीपीएस कोरबा पश्चिम से शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. रेणु कौशिक ने बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करते हुए बच्चों की जांच की एवं उन्हें दवाइयां बांटी। कार्यक्रम को सलाहकार (चिकित्सा) डाॅ. एससी. खरे ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डाॅ. श्वेतांबरी महंता ने स्वास्थ्य के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया।
इससे पहले स्वास्थ्य शिविर में मुख्य अतिथि अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री एमके. गुप्ता, ग्राम सरपंच श्रीमती छतन बाई कंवर एवं ग्राम के जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिकों समेत अन्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। शिविर में 50 ग्रामीणों ने मधुमेह एवं रक्तचाप की जांच कराई। 30 ग्रामीणों को परामर्श के बाद सर्दी, खांसी, बुखार एवं जीवन रक्षक दवाइयां बांटी गईं। जबकि 40 बच्चों को आयरन की दवा बांटी गई। शिविरों का लाभ ग्राम पंचायत पंडरीपानी एवं आश्रित ग्राम आश्रित ग्राम बिरवट, बंचर और जटानपुर की महिलाएं, बच्चे एवं बुजुर्ग सहित कुल 140 नागरिकों ने उठाया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. एमआर. स्नेही, अधीक्षण अभियंतागण, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डाॅ. प्रवीण कुमार पटेल व अन्य अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग की टीम और ग्राम के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।