पौड़ी-माचाडोली-बांगो सड़क बदहाल, जान जोखिम में डालकर ड्यूटी पहुंच रहे विद्युतकर्मी

Pauri-Machadoli-Bango road is in bad condition, electricity workers are reaching their duty by risking their lives.

मुख्यमंत्री से सड़क के तत्काल सुधार एवं पुनर्निर्माण की मांग, प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने उठाया मुद्दा

कोरबा। पौड़ी से माचाडोली होते हुए बांगो बांध तक जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने गंभीर चिंता जताई है। यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सड़क का तत्काल सुधार एवं स्थायी पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।

अनिल द्विवेदी ने कहा कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कई स्थानों पर यह पैदल चलने लायक भी नहीं रह गई है। बावजूद इसके प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन इसी मार्ग से आवागमन कर रहे हैं। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी की प्रतिदिन दो शिफ्टों में बसें कोरबा से माचाडोली जल विद्युत गृह तक जाती हैं। इन बसों के माध्यम से दर्जनों अधिकारी एवं कर्मचारी विद्युत उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए प्रतिदिन अपने कार्यस्थल पहुंचते हैं। प्रदेश की बिजली व्यवस्था को सुचारू रखने में योगदान देने वाले इन कर्मचारियों को बेहद खराब सड़क पर जान जोखिम में डालकर ड्यूटी पहुंचना पड़ रहा है।

सैकड़ों ग्रामीणों और पर्यटकों का भी आवागमन

यह मार्ग केवल विद्युत कंपनी के कर्मचारियों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि माचाडोली एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों लोग प्रतिदिन कटघोरा और कोरबा सहित अन्य स्थानों के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।

वहीं वर्तमान में बांगो बांध से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ी है। बांगो बांध की प्राकृतिक सुंदरता देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में सड़क की जर्जर हालत पर्यटकों और आम नागरिकों के लिए भी दुर्घटना का बड़ा खतरा बनी हुई है।

जल संसाधन विभाग के अधीन है सड़क

यूनियन अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने कहा कि उक्त सड़क जल संसाधन विभाग के अधीन आती है। इसके बावजूद सड़क की स्थिति लंबे समय से लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने मांग की है कि विभाग द्वारा तत्काल सड़क का स्थल निरीक्षण कराया जाए और अत्यंत खराब हिस्सों में तत्काल मरम्मत के साथ-साथ आवश्यकता के अनुसार पूरे मार्ग का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए।

उन्होंने कहा कि “जो कर्मचारी प्रदेश के लिए बिजली का उत्पादन करने माचाडोली जल विद्युत गृह पहुंचते हैं, उन्हें अपने कार्यस्थल तक पहुंचने के लिए अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए।” सरकार को इस गंभीर विषय को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

अनिल द्विवेदी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को सड़क के तत्काल सुधार एवं स्थायी निर्माण के लिए समय-सीमा निर्धारित कर आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि विद्युत कर्मचारियों, ग्रामीणों और पर्यटकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।