कुसमुंडा में किशोर भारती और कन्या भारती के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने ली शपथ

Newly elected office bearers of Kishor Bharti and Kanya Bharti took oath in Kusmunda.

सरस्वती शिशु मंदिर में हुआ शपथ ग्रहण समारोह, अतिथियों ने विद्यार्थियों को अनुशासन, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ नेतृत्व करने की दी सीख

कोरबा/ कुसमुंडा। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमुंडा में  शिशु भारती, बाल भारती, किशोर भारती, कन्या भारती एवं विज्ञान परिषद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में विद्यार्थियों को विभिन्न दायित्व सौंपते हुए उन्हें नेतृत्व, अनुशासन, सेवा, उत्तरदायित्व और उत्कृष्ट आचरण के प्रति प्रतिबद्ध रहने की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विकास नगर कुसमुंडा की मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्रीमती डॉक्टर नीतू डेका थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरस्वती शिशु मंदिर कुसमुंडा के उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता श्री रमेश कुमार राठौर ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में शिक्षिका श्रीमती पूजा कैवर्त, एसईसीएल सेवानिवृत्त श्री हीरालाल साहू तथा संस्था प्रमुख एवं प्राचार्य श्री चिंतामणि कौशिक मंच पर उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती, ओंकार एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इसके बाद मंचस्थ अतिथियों का परिचय श्री दीपचंद जंघेला आचार्य जी द्वारा कराया गया और उनका स्वागत किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों में उत्साह और जिम्मेदारी की भावना दिखाई दी।
विद्यालय के प्राचार्य एवं संस्था प्रमुख चिंतामणि कौशिक ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपने आचरण और कार्यशैली के माध्यम से अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सौंपे गए दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने तथा विद्यालय की गरिमा और अनुशासन को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।


मुख्य अतिथि श्रीमती डॉक्टर नीतू डेका ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन ही सफल नेतृत्व की पहचान है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने सपनों को साकार करने के लिए जीवन में लक्ष्य निर्धारित करें और समय का सही सदुपयोग करें। उन्होंने नेतृत्व की जिम्मेदारी को समझते हुए अपने कार्यों को पूरी लगन और ईमानदारी से करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री रमेश कुमार राठौर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नेतृत्व केवल पद प्राप्त करना नहीं है, बल्कि अनुशासन, सेवा, उत्तरदायित्व और उत्कृष्ट आचरण का उदाहरण प्रस्तुत करना है। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए आदर्श प्रस्तुत करेंगे।
इसके पश्चात चयनित छात्र-छात्राओं को उनके दायित्वों के प्रतीक बैज प्रदान किए गए और उन्हें पद एवं दायित्व के अनुरूप शपथ दिलाई गई। किशोर भारती में सेनापति के दायित्व के लिए भैया आकाश कैवर्त तथा उप सेनापति के रूप में भैया मुनेश दिवाकर को जिम्मेदारी दी गई। अध्यक्ष के रूप में भैया अविनाश यादव तथा उपाध्यक्ष के रूप में भैया आदित्य दास का चयन किया गया।
कन्या भारती में प्रमुख के रूप में बहन नमिता साहू एवं आरती कुर्रे को दायित्व सौंपा गया। प्रार्थना प्रमुख के रूप में बहन हर्षिता अग्रवाल एवं श्वेता श्रीवास को जिम्मेदारी दी गई। सांस्कृतिक प्रमुख के रूप में बहन खुशी साहू एवं श्रुति यादव का चयन किया गया। इसके साथ ही विद्यार्थियों को बौद्धिक, अनुशासन, चिकित्सा, स्वच्छता, खोया-पाया, बागवानी, शारीरिक एवं प्रचार-प्रसार सहित विभिन्न दायित्व भी सौंपे गए। घोष प्रमुख का दायित्व भी निर्धारित किया गया।
समारोह के दौरान विद्यालय परिवार की ओर से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि विद्यालयीन दायित्व उनके व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। विभिन्न गतिविधियों के संचालन के माध्यम से विद्यार्थियों में जिम्मेदारी, सहयोग, अनुशासन और सेवा की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया।
विद्यालय की इस सफलता का श्रेय कन्या भारती प्रमुख श्रीमती तनु मुखर्जी दीदी जी, किशोर भारती प्रमुख श्री शांति कुमार राठौर तथा समस्त आचार्य परिवार के सहयोग को दिया गया। विद्यालय परिवार के सहयोग और मार्गदर्शन से कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन श्री दीपचंद जंघेला आचार्य जी ने किया। समारोह में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के साथ विद्यालय परिवार और उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों को उनके नए दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं।
समापन के साथ ही नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अपने-अपने दायित्वों के प्रति निष्ठा, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। इस प्रकार सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमुंडा में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह विद्यार्थियों को नेतृत्व और जिम्मेदारी का महत्व समझाने के उद्देश्य से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।