जांजगीर-चांपा में परिवार परामर्श केंद्र की पहल रंग लाई, काउंसलिंग से टूटते रिश्ते जुड़े; 3 परिवारों ने फिर थामा एक-दूसरे का साथ

The initiative of the Family Counseling Center in Janjgir-Champa bore fruit, with counseling reconnecting broken relationships; three families reunited.

जांजगीर-चांपा,11अगस्त 2026। परिवारिक विवादों को संवाद, समझाइश और काउंसलिंग के जरिए सुलझाने की दिशा में जांजगीर-चांपा पुलिस के परिवार परामर्श केंद्र की पहल लगातार प्रभावी साबित हो रही है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में संचालित परिवार परामर्श केंद्र में विवादों के समाधान के साथ परिवारों को दोबारा जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में 10 अगस्त को हुई काउंसलिंग के दौरान तीन परिवारों में आपसी राजीनामा हुआ और पति-पत्नी एवं अन्य पक्षकारों ने साथ रहने पर सहमति जताई।

परिवार परामर्श केंद्र जांजगीर में 1 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक कुल 312 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इनमें से 37 प्रकरणों में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराकर परिवारों को पुनः साथ रहने के लिए तैयार किया गया। वहीं 52 प्रकरणों में पक्षकारों को माननीय न्यायालय की शरण लेने की सलाह दी गई, जबकि 11 प्रकरणों में कानूनी कार्रवाई की गई।

10 अगस्त 2026 को परिवार परामर्श केंद्र में कुल 13 प्रकरणों की काउंसलिंग की गई। इस दौरान DSP अजाक सतरूपा तारम की उपस्थिति में काउंसलिंग कमिटी के सदस्यों ने दोनों पक्षों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। आपसी संवाद, समझाइश और परिस्थितियों को समझने के बाद पक्षकारों को परिवारिक रिश्तों के महत्व के बारे में समझाया गया। काउंसलिंग के सकारात्मक परिणाम के रूप में तीन परिवारों में राजीनामा हुआ और पक्षकारों ने फिर से साथ रहने का निर्णय लिया।

परिवार परामर्श केंद्र की इस पहल की खास बात यह रही कि काउंसलिंग के माध्यम से आपसी विवाद खत्म कर राजीनामा करने वाले पक्षकारों को ही सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाया गया। काउंसलिंग कमिटी के सदस्यों ने राजीनामा करने वाले पक्षकारों को नशाखोरी से प्रभावित एक परिवार की काउंसलिंग में शामिल होने का अवसर दिया। अपने अनुभव साझा करते हुए इन पक्षकारों ने संबंधित परिवार को नशे के दुष्परिणामों और नशे की वजह से परिवार में पैदा होने वाले विवादों के संबंध में समझाइश दी।

इस पहल के जरिए परिवार परामर्श केंद्र ने केवल टूटते परिवारों को जोड़ने का काम ही नहीं किया, बल्कि काउंसलिंग से लाभान्वित पक्षकारों को भी समाज में सकारात्मक बदलाव का सहभागी बनाने का प्रयास किया है। पुलिस की इस पहल से यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि संवाद, आपसी समझ और सही मार्गदर्शन के जरिए पारिवारिक विवादों को कई मामलों में गंभीर रूप लेने से पहले ही सुलझाया जा सकता है।

परिवार परामर्श केंद्र की इस पूरी प्रक्रिया में जिले में गठित परामर्शदात्रियों के साथ महिला थाना प्रभारी सिलमानी टोप्पो, ASI ज्ञान प्रकाश खाखा, महिला प्रधान आरक्षक निशा पाण्डेय और एनुका तिर्की का सराहनीय योगदान रहा।

परिवार परामर्श केंद्र जांजगीर की यह पहल पारिवारिक विवादों के समाधान, टूटते रिश्तों को बचाने और समाज में आपसी संवाद एवं सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।