बेमेतरा जिले के चंदनू थाना क्षेत्र में महिला की नृशंस हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पहले महिला की हत्या की, फिर शव के साथ दुष्कर्म किया और पहचान छिपाने के लिए शव के दोनों हाथ व पैर काटकर दो अलग-अलग गठरियों में भरकर शिवनाथ नदी में फेंक दिया। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। इस पूरे मामले को लेकर आज एसपी ऑफिस में प्रेस कांफ्रेंस कर खुलासा किया गया।
एसपी त्रिलोक बंसल ने बताया कि ग्राम सोनपुरी निवासी गोवर्धन बंजारे ने अपनी 50 वर्षीय मां दुकलिहिन बाई के 7 जुलाई से लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। दो दिन बाद 9 जुलाई को परिजनों द्वारा तलाश के दौरान ग्राम तुमा के पास अमरैया नाला-शिवनाथ नदी किनारे दो संदिग्ध गठरियां मिलीं। एक गठरी खोलने पर महिला का धड़ और सिर मिला, जबकि दूसरी गठरी में दोनों हाथ और दोनों पैर अलग-अलग कटे हुए मिले।
शव घर की साड़ी, चादर, कंबल और प्लास्टिक में लिपटा हुआ था। सूचना पर चंदनू पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई। जांच में साइबर सेल, डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम की भी मदद ली गई। नदी और आसपास के क्षेत्र में ड्रोन, नाव तथा सर्च लाइट से सघन तलाश की गई।जांच के दौरान परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और लगातार पूछताछ के आधार पर गांव के ही रामप्रसाद सोनवानी उर्फ बंगाली (42) पर संदेह गहराया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि मृतिका के पति से पुरानी रंजिश थी। 6 जुलाई की रात करीब 10 बजे वह महिला के घर पहुंचा और उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर फावड़े से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव के साथ दुष्कर्म किया और साक्ष्य मिटाने के लिए घर में रखी आरी से दोनों हाथ कंधे से तथा दोनों पैर जांघ के पास से काट दिए। शव के हिस्सों को दो गठरियों में बांधकर पहले अपनी झोपड़ी में छिपाया और अगले दिन रात में शिवनाथ नदी किनारे ले जाकर फेंक दिया।पुलिस के अनुसार आरोपी महिला के घर से 2500 रुपये भी ले गया था। इसमें से 2000 रुपये खर्च कर चुका था, जबकि 500 रुपये उसके कब्जे से बरामद किए गए हैं। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त फावड़ा, आरी और अन्य साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपी वर्ष 2017 में भी गांव की एक महिला की हत्या के मामले में सजा काट चुका है और उसके खिलाफ पूर्व में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराएं बढ़ाई गई हैं और आगे की विवेचना जारी है।







