छत्तीसगढ़ में कुछ दिनों की गर्मी और उमस के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने 15 जुलाई से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों के तेज होने का अनुमान जताया है। इसके साथ ही कई जिलों में बारिश, तेज हवा और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। फिलहाल राज्य में सामान्य से करीब 29 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
मंगलवार को अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा, जिससे लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। बिलासपुर में दिन का अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राजनांदगांव और पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे लगे बांग्लादेश तट पर नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान मौसम में बदलाव आएगा और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बनेगी। उत्तर छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है।
राजधानी रायपुर में सुबह से बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को सुहावना बना दिया। बुधवार को भी शहर में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश की संभावना है।
वहीं रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, महासमुंद, बालोद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, कबीरधाम, बेमेतरा, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरिया सहित कई अन्य जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।








