कोरबा, 15 जुलाई 2026। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई), कोरबा द्वारा आज इमरान अली के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम जिला कलेक्टर, कोरबा के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं समाजसेवी सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को शीघ्र समाप्त कराने तथा उनकी मांगों पर केंद्र सरकार एवं संबंधित पक्षों के मध्य सार्थक एवं सकारात्मक संवाद प्रारंभ किए जाने की मांग की गई।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि सोनम वांगचुक लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण, हिमालयी क्षेत्रों के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र तथा स्थानीय समुदायों के हितों से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक एवं अहिंसक तरीके से उठाते रहे हैं। ऐसे में उनकी चिंताओं एवं मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना आवश्यक है।
एनएसयूआई के पूर्व जिला सचिव मो. इमरान अली ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति संवाद, सहभागिता और जनभावनाओं के सम्मान में निहित है। उन्होंने कहा कि किसी भी जनहित के मुद्दे का समाधान वार्ता के माध्यम से ही संभव है तथा देश के प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति महोदय से अनुरोध किया कि इस मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित पक्षों के बीच संवाद स्थापित कराने की दिशा में आवश्यक पहल करें।
ज्ञापन सौंपने के दौरान एनएसयूआई पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य एवं उनके द्वारा उठाए गए विषय राष्ट्रीय महत्व के हैं और सरकार को इन पर गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए। संगठन ने आशा व्यक्त की कि शीघ्र ही सकारात्मक पहल करते हुए उनकी भूख हड़ताल समाप्त कराने के प्रयास किए जाएंगे।
इस अवसर पर एनएसयूआई के पदाधिकारी एवं छात्र हिमालय, घासी राम, अल्बर्ट सेम, राज शेखर, प्रकाश यादव, छत्रपाल, सूरज कुमार, पवन कुमार, जगपाल सिंह, जय यादव, रोहित सिंह, राजेश अन्य सैकड़ो छात्र उपस्थित थे
अंत में ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा एवं जनहित के मुद्दों पर संवेदनशीलता बनाए रखना प्रत्येक जनप्रतिनिधि एवं शासन-प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।







