करतला रेंज में फिर लौटा 9 हाथियों का दल, वन विभाग अलर्ट; ग्रामीणों से जंगल नहीं जाने की अपील

A group of nine elephants returns to the Kartala Range, prompting the Forest Department to urge villagers not to venture into the forest.

कोरबा, 13 जुलाई 2026। वन मंडल कोरबा के करतला रेंज में नौ हाथियों का दल एक बार फिर लौट आया है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। इसी दल ने पिछले सप्ताह तुर्री-कटरा क्षेत्र में जंगल में पुटु (मशरूम) निकालने गए पीडिया निवासी एक ग्रामीण पर हमला कर उसकी जान ले ली थी। घटना के बाद हाथियों का दल क्षेत्र में देर तक विचरण करता रहा और रात के समय रायगढ़ जिले के छाल रेंज की ओर निकल गया था।

वन विभाग के अनुसार, रायगढ़ के छाल रेंज में करीब तीन दिन तक विचरण करने के बाद हाथियों का दल सोमवार तड़के पुनः कोरबा जिले की वन सीमा में प्रवेश कर करतला रेंज के चोरभट्टी जंगल पहुंच गया, जहां उसने डेरा डाल लिया है। सुबह ग्रामीणों ने हाथियों को देख वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर लगातार निगरानी कर रही है।

हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए चोरभट्टी सहित आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों से जंगल में नहीं जाने तथा हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। वन अमला लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

इस बीच कटघोरा वन मंडल के जटगा और केंदई रेंज में भी बड़ी संख्या में हाथियों की सक्रियता बनी हुई है। वहां भी वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और ग्रामीणों को जंगल जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।

कटघोरा डीएफओ निशांत कुमार ने कहा कि हाथियों के सभी दलों की गतिविधियों पर विभाग की ओर से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में वन कर्मचारियों की तैनाती बढ़ाई गई है और ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि हाथियों को देखने के लिए भीड़ न लगाएं, जंगल में अकेले न जाएं तथा किसी भी स्थान पर हाथियों की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग को दें। उन्होंने कहा कि सावधानी और सतर्कता ही मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।