31 जुलाई तक उद्योगों को पूरा करना होगा पौधरोपण लक्ष्य, 33% ग्रीन बेल्ट अनिवार्य: ओ.पी. चौधरी

Industries must meet plantation targets by July 31, 33% green belt mandatory: O.P. Chaudhary

रायपुर, 12 जुलाई। छत्तीसगढ़ सरकार ने औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को समान प्राथमिकता देते हुए राज्य की सभी औद्योगिक इकाइयों को व्यापक वृक्षारोपण और हरित क्षेत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और जीवित रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने 31 जुलाई तक निर्धारित वृक्षारोपण लक्ष्य पूरा करने तथा 15 अगस्त तक गुणवत्तापूर्ण पौधरोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

रायपुर के बेबीलॉन कैपिटल में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य निवेश को प्रोत्साहित करेगा, लेकिन पर्यावरणीय मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मंत्री ने उद्योगों से पीपल, नीम, शिरीष, आम, कटहल सहित स्थानीय और दीर्घायु प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिक मियावाकी तकनीक जैसी पद्धतियों को अपनाकर हरित आवरण तेजी से बढ़ाया जा सकता है। सभी उद्योगों को अपने परिसर और आसपास अधिक से अधिक हरित क्षेत्र विकसित करने तथा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत भी वृक्षारोपण अभियान चलाने के लिए प्रेरित किया गया।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी औद्योगिक इकाइयां अपने परिसर के कम से कम 33 प्रतिशत क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट विकसित करें। प्रत्येक हेक्टेयर में न्यूनतम 2,500 पौधे लगाए जाएं तथा त्रि-स्तरीय पौधरोपण प्रणाली अपनाई जाए। पौधों की सिंचाई के लिए पुनर्चक्रित (रिसाइकिल) जल का उपयोग करने और ऑनलाइन पोर्टल पर वृक्षारोपण की समयबद्ध जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा। वृक्षारोपण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की जाएगी।

मंत्री चौधरी ने कहा कि स्वच्छ हवा, स्वच्छ जल और सुरक्षित पर्यावरण आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उद्योगों को उत्पादन के साथ-साथ पर्यावरणीय दायित्वों का भी पूरी गंभीरता से पालन करना चाहिए।

बैठक में आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव एवं छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अध्यक्ष अंकित आनंद ने बताया कि इस वर्ष अब तक लगभग 22 लाख पौधों का रोपण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का करीब 90 प्रतिशत है। इस वर्ष 25 लाख पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे उद्योगों की सक्रिय भागीदारी से 30 लाख से अधिक तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राज्य के 320 से अधिक उद्योगों में ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली के माध्यम से प्रदूषण की निगरानी की जा रही है। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ उद्योगों को प्रदूषण कम करने और पर्यावरणीय अनुपालन को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव राजू अगसिमनी ने उद्योगों को उत्सर्जन निगरानी प्रणाली 24 घंटे संचालित रखने, प्रत्येक तीन माह में उसका कैलिब्रेशन कराने तथा पर्यावरण अनुकूल पौध प्रजातियों के रोपण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण अभियान की सफलता का वास्तविक पैमाना लगाए गए पौधों की संख्या नहीं, बल्कि उनका संरक्षण और जीवित रहना है।

बैठक में राज्य की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों, पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारियों तथा विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।