कोरबा, 30 जून 2026/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के मार्गदर्शन में एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छ0ग0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार आगामी 18 जुलाई एवं 21 नवंबर को विशेष लोक अदालत में उन पक्षकारों जिसका परक्राम्य लिखत अधिनियम के अंतर्गत चेक बाउंस के मामले न्यायालय में लंबित है, उन्हें राजीनामा के माध्यम से निराकृत करा सकते हैं।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा संपूर्ण जिले कोरबा के समस्त न्यायाधीशों को चेक बाउंस के मामले को चिन्हांकित करने हेतु निर्देश दिये हैं और अधिक से अधिक चेक बाउंस के प्रकरणों में दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर उनके मध्य प्री-सीटिंग करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा जिला एवं तालुकाओं में उक्त चेक बाउंस हेतु आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत का वृहद् एवं व्यापक प्रचार-प्रसार करने हेतु समस्त वालंटियर को निर्देश दिया है और यह भी निर्देश दिया है कि वह सार्वजनिक स्थानों, बैंको एवं अन्य संस्थानों में जिनके द्वारा चेक बाउंस के मामले प्रस्तुत किये जाते हैं वहां जाकर भी प्रचार-प्रसार करें। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा समस्त लोगों को आव्हान किया गया है कि जिनके भी चेक बाउंस के मामले न्यायालय में लंबित हैं वह अपने मामलों को आयोजित विशेष चेक बाउंस लोक अदालत के माध्यम से निराकृत कर सरल एवं सुलभ न्याय प्राप्त करें और उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से यह भी आदेश जारी किया है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य एवं लक्ष्य न्याय सबके लिए है तथा बैंक अधिकारियों से भी अपील की गई है कि बैंक से चेक बाउंस के मामलों को प्री-लिटिगेशन के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा, तालुका विधिक सेवा समिति कटघोरा, पाली व करतला में प्रस्तुत कर सकते है।
चेक बाउंस मामले हेतु विशेष लोक अदालत का आयोजन 18 जुलाई एवं 21 नवंबर को
Special Lok Adalat for cheque bounce cases to be organised on 18th July and 21st November







