कोरबा 28 जून 2026/ नमामि हसदेव सेवा समिति ने नागरिकों से परिवार सहित शामिल होकर हसदेव नदी संरक्षण अभियान को मजबूत बनाने की अपील की
कोरबा। नमामि हसदेव सेवा समिति द्वारा कोरबा जिले की जीवनदायिनी हसदेव नदी के संरक्षण, स्वच्छता और जनजागरूकता के उद्देश्य से प्रत्येक पूर्णिमा पर आयोजित की जाने वाली हसदेव आरती का आयोजन इस माह 29 जून 2026, सोमवार को किया जाएगा। यह धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम सायं 6 बजे माँ सर्वमंगला मंदिर घाट, कोरबा में आयोजित होगा।
समिति के अनुसार हसदेव नदी, उसकी सहायक नदियों तथा जिले के अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों में बढ़ते प्रदूषण को कम करने, उनके संरक्षण को बढ़ावा देने तथा नदी तटों के सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इसी जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत प्रत्येक माह की पूर्णिमा को माँ सर्वमंगला मंदिर घाट पर हसदेव आरती का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक शामिल होते हैं।
समिति ने बताया कि ज्येष्ठ पूर्णिमा के शुभ अवसर पर आयोजित होने वाली इस बार की हसदेव आरती में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक यजमान के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में श्री कामेश्वर धर दीवान (जिलाध्यक्ष, संस्कार भारती, कोरबा) उपस्थित रहेंगे। वहीं विशिष्ट यजमान के रूप में श्री राजेश अग्रवाल (डायरेक्टर, कोरबा कम्प्यूटर कॉलेज, कोरबा), श्री संदीप शर्मा (जिलाध्यक्ष, आदित्य वाहिनी, कोरबा), श्री बसंत कुमार रस्तोगी (विभागाध्यक्ष, वाणिज्य संकाय, श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय, कोरबा) तथा श्री आशीष कुमार श्रीवास्तव (वित्तीय एवं म्यूचुअल फंड सलाहकार, टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस, कोरबा) सहभागी होंगे।
नमामि हसदेव सेवा समिति ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने परिवार सहित कार्यक्रम में शामिल होकर हसदेव नदी के संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के इस जनअभियान को मजबूत बनाने में अपना सहयोग दें। समिति का मानना है कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण संभव है और आने वाली पीढिय़ों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित जल संसाधन सुनिश्चित किए जा सकते हैं।
माँ सर्वमंगला मंदिर घाट में 29 जून को होगी हसदेव आरती, जल संरक्षण और नदी स्वच्छता का दिया जाएगा संदेश
Hasdev Aarti will be held on June 29 at Maa Sarvamangala Temple Ghat, with a message on water conservation and river cleanliness.







