सूरजपुर में नाव पलटने से तीन की मौत, प्रतिबंध के बावजूद मछली पकड़ने गए थे ग्रामीण

Surajpur Dam accident: Three killed in boat capsize; villagers went fishing despite ban

सूरजपुर: 24 जून 2026। सूरजपुर 24 जून 2026। सूरजपुर जिले के बतरा डैम में हुए नाव हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। बताया जा रहा है कि प्रतिबंध के बाद भी जलाशय में देर रात मछली पकड़ने गए नौ ग्रामीणों की नाव अचानक गहरे पानी में पलट गई, जिसके बाद तीन लोग लापता हो गए थे। लगभग 34 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बुधवार सुबह तीसरे और आखिरी ग्रामीण का शव बरामद कर लिया गया। इससे पहले मंगलवार को दो शव निकाले जा चुके थे। इस हादसे ने एक बार फिर जलाशयों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी और जोखिम भरे कदमों के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक हादसा सोमवार देर रात करीब 2 बजे करंजी चौकी क्षेत्र स्थित बतरा डैम में हुआ था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नौ ग्रामीण नाव से मछली पकड़ने डैम पहुंचे थे। इसी दौरान नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में पलट गई। नाव पलटने के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। छह ग्रामीण किसी तरह तैरकर किनारे तक पहुंच गए, लेकिन तीन अन्य ग्रामीण डैम के गहरे पानी में डूब गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और डीडीआरएफ की टीम ने संयुक्त रूप से तलाश अभियान शुरू किया। मंगलवार को रेस्क्यू टीम ने दो शव बरामद कर लिए थे, जबकि तीसरे ग्रामीण की तलाश जारी थी। बुधवार सुबह तीसरा और अंतिम शव मिलने के बाद अभियान समाप्त कर दिया गया।

जांच में सामने आया है कि बतरा डैम में फिलहाल मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लागू है। अधिकारियों के अनुसार पहले यहां मछली पालन का ठेका दिया गया थाए लेकिन लीज अवधि समाप्त होने के बाद डैम में मत्स्य आखेट पर रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद कुछ ग्रामीण रात के समय चोरी.छिपे मछली पकड़ने पहुंचे थे। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में नाव लेकर जाने की अनुमति कैसे मिली और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।

मृतक ग्रामीण ग्राम राईंए भैयाथान और उचडिह के निवासी बताए जा रहे हैं। हादसे की खबर के बाद से तीनों गांवों में शोक का माहौल है। परिजनों का रो.रोकर बुरा हाल हैए वहीं ग्रामीणों ने घटना को लेकर गहरा दुख जताया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि जलाशयों और प्रतिबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा नियमों का पालन करेंए क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।